Share Market: मुंबई : वैश्विक दबाव और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के कारण बाजार में भारी बिकवाली हुई, जिससे बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 582.86 अंक गिरकर 76,913.50 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 (Nifty 50) 180.10 अंक टूटकर 23,997.55 पर आ गया।
शुरुआती कारोबार से ही बाजार दबाव में रहा। सेंसेक्स 900 अंकों से ज्यादा गिरावट के साथ खुला और दिनभर उतार-चढ़ाव के बाद नुकसान में बंद हुआ। निफ्टी भी कमजोर शुरुआत के बाद गिरावट में ही रहा।
इस गिरावट की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी रही। ब्रेंट क्रूड 121 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जो चार साल का उच्च स्तर है, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 108 डॉलर के करीब रहा। इस उछाल के पीछे अमेरिका-ईरान तनाव प्रमुख कारण है। डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने स्पष्ट किया है कि जब तक नया परमाणु समझौता नहीं होता, तब तक होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर नाकेबंदी जारी रहेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत जैसे तेल आयातक देश पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। रुपये में कमजोरी, बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और विदेशी निवेशकों की निकासी ने बाजार पर अतिरिक्त दबाव बनाया है। एशियाई और अमेरिकी बाजारों में भी इसी तरह का कमजोर रुख देखने को मिला।
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