All-Party Delegation: पाक को करेंगे बेनकाब, विदेश जाने वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को विदेश सचिव ने दी अहम ब्रीफिंग

All-Party Delegation
All-Party Delegation
All-Party Delegation: नई दिल्ली : भारत द्वारा विदेश में पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर बेनकाब करने की तैयारियां तेज़ कर दी गई हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने चार सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों को विस्तृत ब्रीफिंग दी। इन प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व रविशंकर प्रसाद, सुप्रिया सुले, शशि थरूर और बैजयंत पांडा कर रहे हैं। विदेश सचिव ने करीब डेढ़ घंटे की इस ब्रीफिंग में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के इतिहास, सिंधु जल समझौते की जमीनी सच्चाई और ऑपरेशन सिंदूर जैसी जवाबी कार्रवाइयों की विस्तार से जानकारी दी।
All-Party Delegation: पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का पर्दाफाश
विदेश सचिव ने बताया कि किस तरह पाकिस्तान अपने देश में आतंकी प्रशिक्षण शिविर संचालित करता है, उन्हें फंडिंग देता है और भारत में घातक हमले करने के लिए भेजता है। उन्होंने विशेष रूप से पहलगाम आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए बताया कि इस घटना में पाकिस्तान में प्रशिक्षित आतंकियों की संलिप्तता स्पष्ट है। इसके जवाब में भारतीय सेना द्वारा चलाया गया ऑपरेशन सिंदूर पूरी तरह आतंकियों और उनके ठिकानों के खिलाफ केंद्रित था। इस ऑपरेशन में केवल पाकिस्तान और पीओके में स्थित आतंकी शिविरों को निशाना बनाया गया। मिस्री ने स्पष्ट किया कि भारत की यह कार्रवाई आत्मरक्षा में थी और इसका उद्देश्य केवल आतंक का खात्मा था।पाक प्रायोजित आतंकवाद पर सख्त रुख: विदेश जाने वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को विदेश सचिव ने दी अहम ब्रीफिंग
All-Party Delegation: दुनिया को सच्चाई बताने का संकल्प
मिस्री ने कहा कि यह केवल भारत का नहीं, बल्कि वैश्विक संकट है। अमेरिका, ब्रिटेन, रूस सहित कई देशों में हुए आतंकी हमलों के तार भी पाकिस्तान से जुड़ते पाए गए हैं। 9/11 हमले के मुख्य साजिशकर्ता ओसामा बिन लादेन का पाकिस्तान में छिपा होना इसका सबसे बड़ा प्रमाण है।
All-Party Delegation: ट्रंप की मध्यस्थता और सीजफायर की सच्चाई
जब अमेरिका जाने वाले प्रतिनिधिमंडल के एक सदस्य ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता की पेशकश पर सवाल उठाया, तो विदेश सचिव ने साफ किया कि भारत-पाक के बीच सीजफायर की पहल खुद पाकिस्तान के डीजीएमओ की ओर से हुई थी। भारत हमेशा द्विपक्षीय वार्ता का पक्षधर रहा है, लेकिन पाकिस्तान इस मंच का बार-बार दुरुपयोग कर अंतरराष्ट्रीय ध्यान भटकाता रहा है।
All-Party Delegation: सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान की निष्क्रियता
विदेश सचिव ने सिंधु जल संधि पर भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह संधि "गुडविल और दोस्ती" के सिद्धांत पर आधारित थी, लेकिन पाकिस्तान ने इन मूल्यों का बार-बार उल्लंघन किया। भारत की ओर से लगातार नोटिस देने के बावजूद पाकिस्तान जलवायु परिवर्तन और भारत की पानी की जरूरतों जैसे गंभीर विषयों पर बातचीत से बचता रहा।
All-Party Delegation: सर्वदलीय एकता और पाक को बेनकाब करने का संकल्प
ब्रीफिंग के बाद सभी दलों के नेताओं ने एकजुट होकर पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बेनकाब करने का संकल्प लिया।
-
गुलाम नबी आजाद ने कहा कि कश्मीर पिछले 75 वर्षों से आतंक का दंश झेल रहा है, अब समय आ गया है कि दुनिया को पाकिस्तान की भूमिका बताई जाए।
-
रविशंकर प्रसाद ने दो टूक कहा, "भारत शांति चाहता है, लेकिन अगर भारतीयों को मारा गया तो जवाब भी दिया जाएगा।"
-
सुप्रिया सुले ने कहा, "हम शांति और मित्रता के संदेश के साथ आतंकवाद के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति लेकर जा रहे हैं।"
-
प्रियंका चतुर्वेदी ने पाकिस्तान के "आतंकिस्तानी मॉडल" और सेना-सरकार-आतंकियों की मिलीभगत को उजागर करने की बात कही।
-
निशिकांत दुबे ने याद दिलाया कि जिन देशों में प्रतिनिधिमंडल जा रहे हैं, वे भी आतंकवाद से पीड़ित हैं – वहां जाकर भारत की सच्चाई साझा की जाएगी।
-
शशि थरूर ने स्पष्ट किया कि विदेशों में कश्मीर नहीं, पाकिस्तान द्वारा फैलाए गए आतंकवाद का मुद्दा उठाया जाएगा और बताया जाएगा कि भारत आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई करता रहेगा।


