Ebola Outbreak: किन्शासा/जिनेवा। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) में इबोला वायरस के नए बुंडिबुग्यो स्ट्रेन के तेजी से फैलते मामलों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। संगठन के अनुसार संक्रमण के मामलों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है, जिससे स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार डीआरसी में अब तक इबोला के 906 से अधिक संदिग्ध मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से 125 मामलों की आधिकारिक पुष्टि की जा चुकी है। संक्रमण के कारण 223 संदिग्ध मौतों की भी सूचना मिली है, जिनकी जांच जारी है। पुष्टि किए गए मामलों में इटुरी, नॉर्थ किवु और साउथ किवु प्रांतों में हुई 17 मौतें शामिल हैं।
Ebola Outbreak: हर 10 में से लगभग 5 मरीजों की मौत होने का जोखिम
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इबोला का यह नया बुंडिबुग्यो स्ट्रेन अत्यंत घातक साबित हो सकता है। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार संक्रमित मरीजों में मृत्यु दर 30 से 50 प्रतिशत तक रहने की आशंका है। WHO की अधिकारी एनाइस लेगैंड ने बताया कि हर 10 में से लगभग 5 मरीजों की मौत होने का जोखिम है, हालांकि इन आंकड़ों का विस्तृत विश्लेषण अभी जारी है।
स्थिति को देखते हुए WHO ने इस प्रकोप को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बताया है। विशेषज्ञों के अनुसार इस नए स्ट्रेन के लिए फिलहाल कोई स्वीकृत वैक्सीन उपलब्ध नहीं है, जिससे संक्रमण नियंत्रण की चुनौती और बढ़ गई है।
डीआरसी के अलावा पड़ोसी देश युगांडा में भी संक्रमण के नए मामले सामने आए हैं। घनी आबादी वाले क्षेत्रों में वायरस के फैलाव के कारण संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आए लोगों की पहचान और उन्हें अलग-थलग करना प्रशासन के लिए कठिन साबित हो रहा है।
WHO का कहना है कि आने वाले दिनों में संदिग्ध मामलों की संख्या में और वृद्धि दर्ज की जा सकती है, जो निगरानी और जांच प्रणाली के बेहतर होने का संकेत भी हो सकता है।
WHO के स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल समुदाय स्तर पर व्यापक संक्रमण (कम्युनिटी ट्रांसमिशन) का कोई पुष्ट मामला सामने नहीं आया है। इसके बावजूद सतर्कता बढ़ा दी गई है और प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी तथा उपचार सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।

