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MP News : इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी के कारण 15 लोगों की मौत के बाद सरकार ने कड़ा एक्शन लिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर दूषित पानी प्रकरण की समीक्षा की और अपर मुख्य सचिव (नगरीय प्रशासन एवं विकास) द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर विचार किया। इसके बाद सीएम ने इंदौर के अपर आयुक्त को तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश दिया। साथ ही प्रभारी अधीक्षण यंत्री से जल वितरण कार्य विभाग का प्रभार वापस लेने और डीएम को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
MP News : सरकार ने इंदौर नगर निगम आयुक्त और अपर आयुक्त को भी नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नगर निगम में आवश्यक पदों को तुरंत भरा जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके। मामला इतना गंभीर है कि जांच में पता चला कि दूषित पानी का सप्लाई केवल भागीरथपुरा इलाके तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शहर के 59 अन्य स्थानों में भी पीने योग्य पानी उपलब्ध नहीं था।
MP News : मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, शहर के 60 स्थानों से लिए गए पानी के सैंपलों में 59 फेल पाए गए थे। पानी में टोटल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया पाया गया, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है और उल्टी, दस्त, पेट दर्द जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। प्रभावित इलाकों में भागीरथपुरा, खातीपुरा, रामनगर, नाहर शाहवली रोड, खजराना, गोविंद कॉलोनी, शंकर बाग कॉलोनी, परदेशीपुरा, सदर बाजार, राजवाड़ा और जूनी इंदौर सहित कई घनी आबादी वाले क्षेत्र शामिल हैं।
MP News : सरकार ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इंदौर में तीन नए अपर आयुक्तों की नियुक्ति की है। आकाश सिंह, प्रखर सिंह और आशीष कुमार पाठक को नए अपर आयुक्त के रूप में तैनात किया गया है। इस कदम से नगर निगम प्रशासन को मजबूत कर भविष्य में पानी की आपूर्ति और स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।
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