Sri Ram Yantra
Sri Ram Yantra: अयोध्या /लखनऊ: नवरात्रि के पहले दिन, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अयोध्या के राम मंदिर पहुंचीं और रामलला के दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने राम दरबार में श्रीराम यंत्र की स्थापना की। मंदिर के द्वितीय तल पर यह स्थापना वैदिक मंत्रोच्चारण और पवित्र आचार्यों की उपस्थिति में संपन्न हुई। राष्ट्रपति ने पूरे विधि-विधान से यंत्र की स्थापना में भाग लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि, सदस्य जगद्गुरु विश्व प्रसन्न तीर्थ और तीन आचार्य मौजूद थे।
Sri Ram Yantra: श्रीराम यंत्र के बारे में
श्रीराम यंत्र केवल धातु की आकृति नहीं है, बल्कि यह ब्रह्मांडीय ऊर्जा का गणितीय और आध्यात्मिक रूप है। शास्त्रों के अनुसार, जिस प्रकार श्री यंत्र देवी लक्ष्मी का प्रतीक है, उसी प्रकार श्रीराम यंत्र भगवान राम के विजय और मर्यादा का प्रतीक माना जाता है। इसे विशेष धातुओं के मिश्रण और वैदिक गणनाओं के आधार पर तैयार किया गया है।
Sri Ram Yantra: यात्रा और निर्माण
राम यंत्र को सबसे पहले कांचीपुरम (तमिलनाडु) स्थित मठ में बनाया गया। इसके बाद इसे तिरुपति (आंध्र प्रदेश) लाया गया और रथयात्रा के माध्यम से दस दिन पहले अयोध्या पहुंचाया गया। यंत्र का वजन लगभग 150 किलो है और इस पर सोने की परत चढ़ाई गई है। यह यंत्र भक्तों और मंदिर परिसर के लिए विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है और रामभक्ति की ऊर्जा का प्रतीक है।
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