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SCO Summit: SCO समिट में रूसी समकक्ष से मिले राजनाथ सिंह, S-400 डिलीवरी और Su-30 अपग्रेड पर हुई अहम बातचीत

Dev Verma
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SCO Summit: किंगदाओ। चीन के किंगदाओ में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और रूस के रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलोसोव के बीच अहम द्विपक्षीय बैठक हुई। इस बैठक में S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की डिलीवरी, Su-30 MKI लड़ाकू विमानों के अपग्रेड और अन्य सैन्य हार्डवेयर की समयबद्ध आपूर्ति जैसे विषयों पर गंभीर चर्चा की गई।

SCO Summit: भारत-रूस रक्षा सहयोग को मिली मजबूती

भारतीय रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, बैठक में दोनों देशों ने वैश्विक भू-राजनीतिक हालात, सीमा पार आतंकवाद और भारत-रूस रक्षा साझेदारी को लेकर गहन विचार-विमर्श किया। बेलोसोव ने भारत-रूस के पुराने रणनीतिक संबंधों की सराहना करते हुए जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले को कायराना हरकत करार दिया और भारत के साथ पूर्ण एकजुटता जताई। इस हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी।

SCO Summit: रक्षा उत्पादन और सैन्य क्षमताओं के उन्नयन पर चर्चा

बैठक में दोनों पक्षों ने रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने, हवाई सुरक्षा, मिसाइल प्रणाली, और आधुनिक हवाई प्लेटफॉर्म्स के उन्नयन को लेकर आपसी सहयोग पर सहमति जताई। खासतौर पर S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की समय पर आपूर्ति और Su-30 MKI फाइटर जेट्स के अपग्रेडेशन पर विशेष फोकस रहा। राजनाथ सिंह ने बैठक के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा: “रूसी रक्षा मंत्री बेलोसोव के साथ एक शानदार और सकारात्मक चर्चा हुई। हमने रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार साझा किया।”

SCO Summit: इससे पहले चीनी रक्षा मंत्री से भी हुई मुलाकात

इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीनी समकक्ष एडमिरल डोंग जून से भी मुलाकात की थी। इस दौरान भारत-चीन संबंधों को बेहतर बनाने के लिए चार बिंदुओं वाला सुझाव दिया गया और कैलाश मानसरोवर यात्रा की बहाली पर खुशी जताई गई। राजनाथ सिंह ने चीनी मंत्री को बिहार की पारंपरिक मधुबनी पेंटिंग भी भेंट की, जो भारत की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।

SCO Summit: SCO साझा बयान से भारत ने बनाई दूरी

गौरतलब है कि भारत ने SCO रक्षा मंत्रियों के साझा बयान पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया क्योंकि उसमें पहलगाम आतंकी हमले का कोई उल्लेख नहीं किया गया था। भारत का रुख स्पष्ट था कि आतंकवाद के मुद्दे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।


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