MP News : सरकारी स्कूल में शिक्षक पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला, तमाशबीन बने गांववाले
धार : MP News : धार जिले के गंधवानी थाना क्षेत्र के चुनड़ीपुरा गाँव में एक सरकारी स्कूल के शिक्षक पर दिनदहाड़े कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला किया गया। घटना में शिक्षक रमेश भंवर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और उनकी हालत आईसीयू में नाजुक बनी हुई है।
घटना का विवरण
- आरोपी संजय मौर्य ने सरकारी स्कूल के शिक्षक रमेश भंवर पर कुल्हाड़ी से चार बार वार किए।
- हमला उस समय हुआ जब शिक्षक स्कूल में अपनी ड्यूटी कर रहे थे।
- शिक्षक को बाएं हाथ, बाएं पैर, घुटने, कंधे, और सिर पर गंभीर चोटें आईं।
- घटना के दौरान गाँववाले स्कूल के पास मौजूद थे लेकिन किसी ने मदद नहीं की।
हमले का कारण
- घटना का मुख्य कारण सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का विवाद है।
- आरोपी स्कूल की जमीन को अपनी जमीन बताकर स्कूल को हटाने की मांग कर रहा था।
- पहले भी 23 दिसंबर 2023 को आरोपी के दादा गुलसिंह ने शिक्षक को धमकी दी थी कि अगर स्कूल नहीं हटाया गया तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा।
शिक्षा विभाग की लापरवाही
- शिक्षक ने 23 दिसंबर की घटना के बाद अधिकारियों और संकुल प्रभारी को सूचना दी थी।
- शिक्षिका ने ट्रांसफर की मांग भी की थी, लेकिन विभाग ने इस घटना को गंभीरता से नहीं लिया।
- प्रशासनिक उदासीनता के चलते शिक्षक पर यह जानलेवा हमला हुआ।
शिक्षिका ने दिखाया साहस
- हमला होते देख अतिथि शिक्षिका कविता मौर्य ने आरोपी को स्कूल के अंदर कैद कर दिया।
- घायल शिक्षक किसी तरह स्कूल से भागकर मुख्य सड़क तक पहुंचे और मदद की गुहार लगाई।
- एक युवक ने बाइक पर शिक्षक को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उन्हें धार के अस्पताल रेफर किया गया।
परिवार की सुरक्षा पर सवाल
- शिक्षक रमेश भंवर और उनके परिवार पर यह पहला हमला नहीं है।
- 10 जुलाई 2024 को उनके बड़े भाई थानसिंह पर भी जानलेवा हमला हुआ था, जिसमें उनके जबड़े और पसलियों में गंभीर चोटें आई थीं।
- परिवार अब प्रशासन से सुरक्षा और न्याय की गुहार लगा रहा है।
पुलिस कार्रवाई
- थाना प्रभारी ने घटनास्थल पर पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
- घटना की जांच जारी है और प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ाने का आश्वासन दिया है।
गांववालों की भूमिका पर सवाल
- घटना के दौरान गाँववाले तमाशबीन बने रहे और किसी ने मदद नहीं की।
- इसने ग्रामीण समाज की संवेदनशीलता और नैतिकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासन से अपील
- परिवार ने प्रशासन से सुरक्षा, आर्थिक मदद, और तत्काल न्यायिक कार्रवाई की मांग की है।
- घटना ने शिक्षा विभाग और प्रशासन की लापरवाही और असंवेदनशीलता को उजागर किया है।
यह घटना न केवल प्रशासन की विफलता को दर्शाती है, बल्कि समाज में संवेदनशीलता की कमी और कानूनी सुरक्षा की आवश्यकता पर भी सवाल खड़े करती है। शिक्षक और उनके परिवार को तत्काल न्याय और सुरक्षा की जरूरत है।
