Lalu Tejashwi RJD Crisis: बिहार चुनाव में हार के बाद संजय यादव पर फूटा कार्यकर्ताओं का गुस्सा, राबड़ी आवास के बाहर हंगामा और नारेबाजी, देखें वीडियो
Lalu Tejashwi RJD Crisis: पटना। बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को मिली करारी शिकस्त के बाद पार्टी के अंदरूनी कलह ने खुले आम रूप ले लिया है। सोमवार को राजद विधायक दल की बैठक के बाद पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास के बाहर सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया और पार्टी के वरिष्ठ नेता व तेजस्वी यादव के करीबी सलाहकार संजय यादव के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
Lalu Tejashwi RJD Crisis: कार्यकर्ता संजय यादव को महागठबंधन की शर्मनाक हार और पार्टी की दुर्गति का जिम्मेदार बता रहे हैं। नारे लगाते हुए कार्यकर्ताओं ने संजय यादव को “राजद छोड़ो”, “पार्टी हत्यारा संजय यादव मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाए। कुछ कार्यकर्ता तो गेट तक पहुंचने की कोशिश करते दिखे, जिसके बाद पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
Lalu Tejashwi RJD Crisis: बता दें कि, संजय यादव को लेकर दो दिन पहले राबड़ी देवी के आवास पर लालू की बेटी रोहिणी आचार्या और बेटे तेजस्वी यादव के बीच झगड़ा हुआ था। रोहिणी ने बाद में बताया था कि उन्हें संजय का नाम लेने पर गाली दी गई और उन पर चप्पल चलाया गया।
Lalu Tejashwi RJD Crisis: टिकट बंटवारे के दौरान भी कई नेताओं ने संजय यादव पर आरोप लगाया था कि पैसा नहीं देने के कारण उनका उनका टिकट काट दिया गया। महागठबंधन के सीट बंटवारे में भी कांग्रेस के साथ किचकिच और उसके बाद भी घटक दलों के बीच 11 सीटों पर फ्रेंडली फाइट को संभाल पाने में तेजस्वी यादव की नाकामी को भी संजय यादव से जोड़कर देखा गया।
बिहार में राजद की हार को लेकर कार्यकर्ताओं ने पटना में राबड़ी देवी के आवास के बाहर तेजस्वी यादव के सलाहकार और सांसद संजय यादव के खिलाफ नारेबाजी की। कार्यकर्ता हार के लिए संजय को जिम्मेवार ठहरा रहे हैं। लालू यादव की बेटी रोहिणी ने भी हार के लिए संजय का नाम लिया था। #SanjayYadav pic.twitter.com/RKDLrfJRU6
— Pawan Kumar Sharma (@pawanks1997) November 17, 2025
Lalu Tejashwi RJD Crisis: बिहार विधानसभा चुनाव में राजद 25 सीटों पर सिमट गई है, जबकि 2020 में उसे 75 सीटें मिली थी और वो सबसे बड़ी पार्टी बनकर आई थी। नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए दलों ने राजद को ऐसी धूल चटाई है कि खुद तेजस्वी राघोपुर में हारते-हारते मुश्किल से जीते हैं। तेजस्वी यादव का नेता विपक्ष का ओहदा भी बाल-बाल ही बचा है। 2 सीट और कम होती तो आरजेडी मुख्य विपक्षी दल और तेजस्वी नेता विपक्ष नहीं बन पाते।
