Iran-Israel War: ईरानी तेल पर पाबंदी हटा सकते हैं ट्रंप, तेल की बेकाबू कीमतें या मध्यावधि चुनाव, जानें क्या है अमेरिकी राष्ट्रपति की मजबूरी… जिसे ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट बता रहे हैं मास्टर स्ट्रोक

Iran-Israel War
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Iran-Israel War: वॉशिंगटन। अमेरिका में बढ़ती तेल और गैस की कीमतों के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बड़ा कदम उठा सकते हैं। खबर है कि अमेरिका ईरान के तेल पर लगी पाबंदियों को अस्थायी तौर पर हटा सकता है, ताकि बाजार में सप्लाई बढ़े और कीमतों पर काबू पाया जा सके। अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने एक मीडिया इंटरव्यू में कहा कि सरकार समुद्र में मौजूद ईरानी तेल को बाजार में लाने की इजाजत दे सकती है। उन्होंने बताया कि करीब 140 मिलियन बैरल तेल तैयार है, जो 10 से 14 दिनों की सप्लाई के बराबर है।
Iran-Israel War: बता दें, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के ब्लॉक होने और ईरान के तेल-गैस ठिकानों पर हमलों के चलते सप्लाई प्रभावित हुई है। इससे वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड की कीमतें युद्ध से पहले करीब 79 डॉलर प्रति बैरल थीं, जो बढ़कर 119 डॉलर तक पहुंच गईं। फिलहाल भी यह 100 डॉलर के ऊपर बनी हुई हैं। अमेरिका में पेट्रोल-डीजल की कीमतें भी तेजी से बढ़ी हैं, जिससे आम लोगों पर असर पड़ा है।
Iran-Israel War: स्कॉट बेसेंट ने इस संभावित फैसले को ‘मास्टरस्ट्रोक’ बताया। उनका कहना है कि इससे कुछ समय के लिए कीमतों को काबू में रखा जा सकेगा, जब तक सरकार अपनी आगे की रणनीति पर काम कर रही है। हालांकि, इस कदम को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं कि अगर पाबंदी हटती है तो ईरान को इससे बड़ा आर्थिक फायदा होगा। इस पर ट्रंप प्रशासन ने अभी साफ तौर पर कुछ नहीं कहा है।
Iran-Israel War: उधर, बढ़ती महंगाई और कमजोर होती अर्थव्यवस्था को लेकर भी ट्रंप सरकार पर दबाव बढ़ रहा है। अक्टूबर से दिसंबर तिमाही में अमेरिकी अर्थव्यवस्था उम्मीद से कम, सिर्फ 0.7 प्रतिशत ही बढ़ी है। वहीं बेरोजगारी दर भी 2002 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है। आर्थिक मोर्चे पर चुनौतियों के बीच इस साल होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले यह स्थिति ट्रंप के लिए मुश्किलें बढ़ा सकती हैं।


