CG News : रायपुर/अंबिकापुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरगुजा जिले के अंबिकापुर स्थित राजमोहिनी देवी कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र में दो दिवसीय राज्य स्तरीय तिलहन किसान मेले का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से जुड़ी योजनाओं और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
CG News : कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया और तिलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए अपनाई जा रही तकनीकों की सराहना की। साथ ही विश्व वानिकी दिवस के मौके पर “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत साल का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
CG News : मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ एक कृषि प्रधान राज्य है, जहां लगभग 80 प्रतिशत आबादी खेती पर निर्भर है। उन्होंने बताया कि सरकार किसानों से धान की खरीदी 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से 3100 रुपये में कर रही है और अंतर राशि का भुगतान भी एकमुश्त किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि सरकार पिछले दो वर्षों से किसानों से किए गए हर वादे को पूरा कर रही है।

CG News : उन्होंने यह भी कहा कि देश अभी तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर नहीं है और करीब 43 प्रतिशत तेल का आयात करना पड़ता है। इस कमी को दूर करने के लिए राज्य में तिलहन विकास परियोजनाएं चलाई जा रही हैं। किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए तिलहन फसलों पर प्रति एकड़ 11 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था भी की गई है।
CG News : कार्यक्रम में कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने भी किसानों से दलहन और तिलहन उत्पादन बढ़ाने की अपील की। वहीं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने बताया कि राज्य में किसानों को उन्नत बीज और आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
CG News : इस अवसर पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद चिंतामणि महाराज, विधायक प्रबोध मिंज, विधायक रामकुमार टोप्पो, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, महापौर मंजूषा भगत, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष राम किशुन सिंह, सभापति हरविंदर सिंह, राम लखन पैंकरा, संभाग आयुक्त नरेंद्र कुमार दुग्गा, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

