CG News: गरियाबंद में प्रधानमंत्री आवास योजना की धीमी प्रगति पर कलेक्टर का कड़ा एक्शन, 11 सचिवों को शो-कॉज नोटिस जारी
CG News: गरियाबंद: जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत चल रहे कार्यों में लापरवाही और धीमी प्रगति पर कलेक्टर बी.एस. उइके ने कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर ने 11 ग्राम पंचायत सचिवों को तत्काल प्रभाव से शो-कॉज नोटिस जारी कर दिया। इन सचिवों पर आरोप है कि उन्होंने आवास निर्माण में उदासीनता और लापरवाही बरती है, जिसके कारण योजना की प्रगति प्रभावित हो रही है।
CG News: कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आदेश दिया है कि वे कार्यों को तेजी से पूरा करें और निर्धारित समय सीमा के भीतर आवास निर्माण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थियों को समय पर आवास मुहैया कराना हमारी प्राथमिकता है। इस मामले में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
CG News: समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने पंचायत सचिवों, रोजगार सहायकों और आवास मित्रों के साथ पीएमएवाई की प्रगति की विस्तृत चर्चा की। उन्होंने विशेष रूप से स्वीकृत कार्यों, प्रगतिरत कार्यों, किश्त वितरण, और अप्रारंभ कार्यों के बारे में जानकारी ली। कलेक्टर ने अप्रारंभ कार्यों को तुरंत शुरू करने का निर्देश दिया और साथ ही चल रहे कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने की आवश्यकता जताई।
CG News: इसके अतिरिक्त, कलेक्टर ने जियो-टैगिंग की प्रक्रिया को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और अवैध वसूली की शिकायतों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी पंचायत क्षेत्र में सर्वे, जियो-टैगिंग या किश्त वितरण के नाम पर अवैध वसूली की शिकायत मिली, तो उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
CG News: समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने 11 ग्राम पंचायत सचिवों को शो-कॉज नोटिस जारी किया, जिनके क्षेत्रों में पीएमएवाई के तहत कार्यों की प्रगति संतोषजनक नहीं थी। इन पंचायतों में दांतबाय कला, कोसमबुड़ा, गुजरा, खरता, हाथबाय, बरबाहरा, मौहाभांठा, बेगरपाला, लोहारी, मरदाकला और खरहरी शामिल हैं।
CG News: कलेक्टर ने इन सचिवों से जवाब मांगा है कि क्यों न उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। बैठक में अपर कलेक्टर नवीन भगत ने बताया कि जिले में कुल 911 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 295 पूर्ण हो चुके हैं, जबकि शेष प्रगतिरत हैं। कलेक्टर ने शेष कार्यों को तेजी से पूरा करने और एक समन्वित कार्य योजना तैयार करने के निर्देश भी दिए।

