नई दिल्ली। क्रिकेट के मैदान पर अपनी बल्लेबाजी से दुनिया में पहचान बनाने वाले महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर अब तकनीक की दुनिया में नई शुरुआत कर रहे हैं। सचिन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी OpenAI के साथ एक खास साझेदारी की घोषणा की है। इस साझेदारी के जरिए वह ChatGPT और AI तकनीक के नए उपयोगों से लोगों को रूबरू कराएंगे।

सचिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए इस नई पहल की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वह ChatGPT के साथ मिलकर नई संभावनाओं को तलाशने के लिए उत्साहित हैं।


सवाल पूछने की आदत ने बढ़ाई AI में दिलचस्पी

सचिन तेंदुलकर ने बताया कि उन्हें हमेशा नई चीजें सीखने और सवालों के जवाब तलाशने में रुचि रही है। उनके मुताबिक, ChatGPT ने इस आदत को और बेहतर बनाया है।

उन्होंने कहा कि AI सिर्फ सवालों के जवाब देने वाला टूल नहीं है, बल्कि रोजमर्रा के कामों में भी मददगार साबित हो सकता है। सचिन ने अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि परिवार के साथ एक यात्रा की योजना बनाने में भी ChatGPT ने उनकी काफी मदद की थी।


10 सवालों के गेम से परखा ChatGPT

साझेदारी की घोषणा के साथ सचिन ने एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें वह ChatGPT के साथ एक मजेदार प्रयोग करते नजर आए। इस वीडियो में सचिन ने AI को 10 सवालों के जरिए अपनी पहचान बताने की चुनौती दी। ChatGPT ने इन सवालों के आधार पर सचिन को पहचान लिया। इस वीडियो के जरिए सचिन ने लोगों को AI की क्षमताओं और इसके सही इस्तेमाल के बारे में समझाने की कोशिश की।


क्रिकेट के बाद तकनीक की दुनिया में कदम

सचिन तेंदुलकर का क्रिकेट करियर ऐतिहासिक उपलब्धियों से भरा रहा है। करीब 24 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर में उन्होंने कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए।

सचिन ने भारत के लिए 664 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले और 34 हजार से ज्यादा रन बनाए। उनके नाम 100 अंतरराष्ट्रीय शतक दर्ज हैं। वनडे क्रिकेट में पहला दोहरा शतक लगाने का रिकॉर्ड भी सचिन के नाम है। साल 2014 में उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।


भारत में AI के विस्तार के बीच नई पहल

OpenAI लगातार अलग-अलग क्षेत्रों में ChatGPT के उपयोग को बढ़ाने पर काम कर रही है। शिक्षा, कारोबार, रिसर्च और अन्य क्षेत्रों में AI के इस्तेमाल को लेकर जागरूकता बढ़ रही है।

सचिन तेंदुलकर जैसे लोकप्रिय चेहरे के साथ साझेदारी के जरिए AI तकनीक को आम लोगों तक पहुंचाने और इसके बेहतर इस्तेमाल को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है।

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