Amit Shah In Parliament
Amit Shah In Parliament : नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े तीन बिलों पर चर्चा के दौरान बड़ा स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि 2026 की जनगणना जाति आधारित होगी और इसके बाद होने वाले परिसीमन में महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा।
Amit Shah In Parliament : अमित शाह का बड़ा ऐलान
अमित शाह ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम में स्पष्ट उल्लेख है कि 2026 के बाद होने वाली जनगणना के बाद परिसीमन होगा, जिसमें महिलाओं को आरक्षण मिलेगा। उन्होंने विपक्ष की आशंकाओं को दूर करते हुए कहा कि यह प्रावधान हमने नहीं जोड़ा, बल्कि 1971 में इंदिरा गांधी सरकार ने सीटों को फ्रीज कर दिया था। अब उसी फ्रीज को हटाकर संविधान की मूल भावना को लागू किया जा रहा है।
Amit Shah In Parliament : इंदिरा गांधी पर निशाना
गृह मंत्री ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि 1976 में आपातकाल के दौरान इंदिरा गांधी सरकार ने 42वें संशोधन के जरिए परिसीमन पर रोक लगा दी थी। आज भी कांग्रेस परिसीमन का विरोध कर रही है। उन्होंने कहा कि 1976 में देश की आबादी 56.79 करोड़ थी, जो अब बढ़कर 140 करोड़ हो गई है, लेकिन सीटों की संख्या नहीं बढ़ाई गई। इससे “एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य” के संवैधानिक सिद्धांत का उल्लंघन हो रहा है।
Amit Shah In Parliament : तीन बिलों का मुख्य उद्देश्य
अमित शाह ने तीनों बिलों का उद्देश्य स्पष्ट करते हुए कहा:
- पहला: महिला सशक्तिकरण वाले संविधान संशोधन को समयबद्ध तरीके से लागू करना ताकि 2029 का लोकसभा चुनाव महिला आरक्षण के साथ हो सके।
- दूसरा: संविधान सभा द्वारा तय “एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य” के सिद्धांत को लागू करना।
उन्होंने जोर देकर कहा कि परिसीमन का विरोध वास्तव में SC/ST की बढ़ रही सीटों का विरोध है, क्योंकि नई जनगणना के बाद उनकी आबादी के अनुपात में सीटें बढ़ाई जाएंगी।
अमित शाह के इस स्पष्टीकरण से संसद में चल रही बहस में काफी स्पष्टता आई है। सरकार 2026 की जनगणना (जाति सहित) के बाद परिसीमन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर अड़ी हुई है, जबकि विपक्ष इसे लेकर लगातार विरोध जता रहा है।
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