जांजगीर -चाम्पा। रेत माफियाओं ने ऐसे दी प्रशासन को चुनौती : जिले के शिवरीनारायण में रेत माफियाओं की तूती बोल रही है। तभी तो रेत माफियाओं ने तहसीलदार की सीज़ की गई 220 ट्रिप रेत को आराम से बेंच दिया। तहसीलदार ने इसकी रखवाली की जिम्मेदारी कोटवार को सौंपी थी। सरकार की जब्त की गई रेत को महंगे दामों में बेंच कर माफियाओं ने प्रशासन को चुनौती दी है। ऐसे में देखने वाली बात ये होगी कि इस पर प्रशासन क्या एक्शन लेता है ?
रेत माफियाओं ने ऐसे दी प्रशासन को चुनौती
दरअसल ये पूरा मामला जांजगीर-चाम्पा जिले के शिवरीनारायण का बताया जा रहा है। जहां आम बगीचा में पूर्व तहसीलदार ने अवैध रूप से रेत का अवैध भंडार पाए जाने पर 200 ट्रिप रेत को जब्त करके अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस बनाया था। अब उसी रेत को माफियाओं ने बिना विभागीय परमिशन के बेंच डाला। इसकी भनक तक विभाग के जिम्मेदारों को नहीं लगी है और भंडारित जगह से जब्त 200 ट्रिप रेत का 90 प्रतिशत हिस्से का परिवहन हो गया है। मौके पर अब नाम मात्र की ही रेत बची है।

रेत माफियाओं ने क्यों किया ऐसा
दरअसल, बारिश के सीजन में नदियों में बाढ़ आ जाती है। ऐसे में वहां रेत का उत्खनन बंद कर दिया जाता है। उधर शहरों में भवन निर्माण कार्य लगातार चलता रहता है। ऐसे में लोग ऊंची दरों पर भी रेत खरीदने को तैयार रहते हैं। इसी बात का फायदा रेत मारियाओं ने उठाया और प्रशासन को चुनौती देकर जमा की गई रेत्त को बेंच डाला।
क्या है ये पूरा मामला
बड़ा मुनाफा कमाने के उद्देश्य से रेत माफिया ने शिवरीनारायण के आम बगीचा में 220 ट्रिप रेत का अवैध भंडारण किया गया था। 6 जून को पूर्व तहसीलदार कृष्णकुमार जायसवाल को इसकी जानकारी होने पर वे लाव -लश्कर के साथ मौके पर पहुंचे और पूरी रेट को जब्त किया। अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्रकरण बनाकर जब्त रेत को कोटवार को सौंप दिया था। रेत माफियाओं ने प्रशासन की अनदेखी का फायदा उठाया और जब्त की गई रेत को ऊंचे दामों में बेचकर प्रशासन को लाखों रुपये के राजस्व का चूना लगा दिया।

