बिलासपुर। ये सड़क देख कर दिल उठता है धड़क : बारिश, बदहाली और बिलासपुर का आपस में गहरा सम्बन्ध है। पूरे राज्य में कहीं सड़क तो कहीं पुलिया पानी की तेज धार में बह गई। जाते -जाते नगर निगम की ईमानदारी को लेकर भी बहुत कुछ कह गईं। समझ में नहीं आता की सड़क में गड्ढे हैं या फिर गड्ढों में सड़क ? ये सड़क देख कर दिल उठता है धड़क।
ये सड़क देख कर दिल उठता है धड़क
बिलासपुर की सड़कें इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही हैं, शहर के ज्यादातर मुख्य मार्ग की हालत ऐसी है कि समझ में नहीं आता कि यहां गड्ढों में सड़क है या फिर सड़क में गड्ढे यह पता भी नहीं चलता। इनमें कुछ डेंजर जोन के रूप मे मुंह बाए खड़ी है। शहर कि हालत ऐसी है कि सड़को पर बारिश का पानी जमा रहता है। हास्यास्पद तो यह है कि ये जिला प्रशासन को न दिखाई दे रहा है और न ही नगर निगम को,लाखों खर्च कर बनाई इन सड़कों की दुर्दशा को देखने वाला कोई नहीं है, दिन के समय मे तो फिर भी लोग इन सड़कों से आवागमन कर लेते है, पर रात का सफऱ करना मुश्किल हो जाता है। नगर निगम व पीडब्लूडी सड़कों के निर्माण और मरम्मत पर करोड़ों रुपये खर्च करती है, लेकिन गड्ढों से निजात नहीं मिल पा रही है। सड़कों के निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जाता है जिससे सड़के जल्द खराब हो जाती है।

कहां -कहां की सड़क देख कर दिल उठता है धड़क
ऐसा नही है कि जिम्मेदार विभाग, प्रशासन या जनप्रतिनिधियों को इसकी जानकारी नहीं है,शहर बिलासपुर की बात करें तो मंगला चौक से लेकर,लिंगीयाडीह,कुदुदण्ड, मोपका,सरकंडा जैसे जगहों पर सड़के उखड़ गई हैं, जिससे सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। इतना ही नहीं विभाग की ओर से सड़क पर मरहम तो लगा दिया जाता है लेकिन जख्म आज भी गहरे हैं। .यही वजह है कि लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। जरूरत है सड़को की मरम्मत करने की ताकि बिलासपुर वासियों को..पक्की सड़क और अच्छी सड़क मिल सके.. लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते आज भी शहर की सड़कों पर चलने वाले वाहन चालक जान हथेली पर लेकर चल रहे हैं। इस सन्दर्भ में अपर आयुक्त खजांची कुम्हार ने कहा कि बारिश ख़त्म होने के बाद सडकों की मरम्मत का काम प्राथमिकता के साथ किया जाएगा।

