Gupt Navratri 2026: A rare and auspicious alignment is forming during Gupt Navratri after 230 years; find out the auspicious time for Kalash Sthapana.
Gupt Navratri 2026 : डेस्क न्यूज। आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि इस वर्ष 15 जुलाई से प्रारंभ हो रही है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस बार गुप्त नवरात्रि कई दृष्टियों से विशेष मानी जा रही है। धार्मिक मान्यता है कि इस अवधि में बनने वाला ‘शश-महालक्ष्मी योग’ साधना, धन-संपन्नता और आध्यात्मिक उन्नति के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
Gupt Navratri 2026 : गुप्त नवरात्रि 15 जुलाई से 22 जुलाई 2026 तक रहेगी। यह नवरात्रि मुख्य रूप से देवी की गुप्त उपासना, तांत्रिक साधना और दस महाविद्याओं की आराधना के लिए प्रसिद्ध है। मान्यता है कि इस दौरान श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई पूजा से जीवन की अनेक बाधाओं को दूर करने की कामना की जाती है।
Gupt Navratri 2026 : कलश स्थापना का शुभ समय-
धार्मिक पंचांग के अनुसार 15 जुलाई को सुबह 8:02 बजे के आसपास कलश स्थापना का विशेष शुभ संयोग बन रहा है। इस दौरान पुष्य नक्षत्र और हर्षण योग का प्रभाव रहेगा, जिसे पूजा-अर्चना और नए शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।
Gupt Navratri 2026 : दस महाविद्याओं की विशेष आराधना-
गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा के दस स्वरूप काली, तारा, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, भैरवी, छिन्नमस्ता, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और कमला की उपासना का विशेष महत्व बताया गया है। श्रद्धालु अपनी आस्था और परंपरा के अनुसार इन स्वरूपों की आराधना करते हैं।
Gupt Navratri 2026 : गृहस्थों के लिए पूजा के सरल उपाय-
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुप्त नवरात्रि में स्वच्छ लाल या पीले वस्त्र धारण कर माता दुर्गा की पूजा करना, गुड़हल का फूल, लौंग और अनार अर्पित करना तथा ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे’ या ‘ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं कमलवासिन्यै स्वाहा’ मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करना शुभ माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुप्त नवरात्रि आत्मिक साधना, सकारात्मक ऊर्जा और देवी उपासना का विशेष पर्व है। श्रद्धालु अपनी आस्था और परंपरा के अनुसार इन नौ दिनों में पूजा-अर्चना, व्रत और साधना करते हैं।

