Rahul Gandhi attacks PM Modi
Rahul Gandhi attacks PM Modi: नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के हालिया बयान पर तीखा पलटवार किया है। राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों और जनता से की जा रही अपीलों को लेकर सवाल उठाए और कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारियों से बचने के लिए लोगों पर बोझ डाल रही है।
एक्स पोस्ट के जरिए साधा निशाना राहुल गांधी ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री जनता से सोना न खरीदने, विदेश यात्रा कम करने, पेट्रोल-डीजल की खपत घटाने, खाने के तेल और रासायनिक खाद का सीमित उपयोग करने जैसी बातें कह रहे हैं, जिससे सरकार की नाकामी साफ़ झलकती है।
उन्होंने कहा कि बीते कई वर्षों में देश को ऐसी स्थिति में पहुंचा दिया गया है जहां लोगों को यह बताया जा रहा है कि उन्हें क्या खरीदना चाहिए और क्या नहीं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार हर बार जिम्मेदारी आम जनता पर डाल देती है ताकि खुद जवाबदेही से बच सके। कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री को “समझौता करने वाला प्रधानमंत्री” बताते हुए कहा देश चलाना अब समझौता करने वाले प्रधानमंत्री के बस की बात नहीं।
सिकंदराबाद कार्यक्रम में पीएम मोदी की अपील
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सिकंदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान देश की आर्थिक मजबूती और आयात पर निर्भरता कम करने को लेकर कई अहम बातें कही थीं। उन्होंने लोगों से खाने के तेल की खपत कम करने, प्राकृतिक खेती अपनाने और सार्वजनिक परिवहन का अधिक इस्तेमाल करने की अपील की थी।
प्रधानमंत्री ने कहा था कि भारत बड़ी मात्रा में खाद्य तेल और रासायनिक खाद विदेशों से आयात करता है, जिस पर भारी विदेशी मुद्रा खर्च होती है। यदि लोग खाने के तेल का सीमित उपयोग करें और किसान प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ें, तो इससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद होगी। उन्होंने यह भी कहा कि तेल की खपत कम करने से लोगों की सेहत पर सकारात्मक असर पड़ेगा और परिवारों का स्वास्थ्य बेहतर होगा।
पेट्रोल-डीजल की खपत घटाने पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने ईंधन की खपत कम करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि जहां मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन की सुविधा उपलब्ध है, वहां लोगों को निजी वाहनों की बजाय सार्वजनिक साधनों का उपयोग करना चाहिए। इसके अलावा कार पूलिंग को बढ़ावा देने, माल ढुलाई के लिए रेलवे का अधिक इस्तेमाल करने और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की अपील भी की गई। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज के दौर में देशभक्ति केवल सीमा पर बलिदान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी में ऐसे फैसले लेना भी देशभक्ति है जो देश की आर्थिक मजबूती में योगदान दें।
बयान को लेकर तेज हुई सियासत
प्रधानमंत्री मोदी की अपील और राहुल गांधी के पलटवार के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। एक ओर केंद्र सरकार इसे आत्मनिर्भरता और आर्थिक बचत से जोड़कर देख रही है, वहीं विपक्ष इसे आम जनता पर जिम्मेदारी डालने की कोशिश बता रहा है।
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