Naxalite Surrender : महासमुंद। छत्तीसगढ़–ओडिशा सीमा पर नक्सल मोर्चे पर बड़ी कामयाबी मिली है। कुल 73 लाख के इनामी 15 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें 9 महिलाएं और 6 पुरुष शामिल हैं। सरेंडर करने वालों में ओडिशा स्टेट कमेटी के पश्चिमी सब-जोनल ब्यूरो सचिव विकास उर्फ सुदर्शन (57) भी शामिल हैं, जो 1985 से संगठन में सक्रिय बताए जाते हैं।
Naxalite Surrender : आत्मसमर्पण करने वालों में 3 डिविजनल कमेटी सदस्य (8-8 लाख इनाम), 4 एरिया कमेटी सदस्य (5-5 लाख) और 7 पार्टी सदस्य (1-1 लाख) शामिल हैं। सभी बलांगीर–बरगढ़–महासमुंद कमेटी (BBM) से जुड़े थे। नक्सलियों ने 3 AK-47, 2 SLR, 2 INSAS, 4 .303 राइफल और 3 12-बोर समेत कुल 14 आधुनिक हथियार पुलिस को सौंपे। अधिकारियों के मुताबिक, यह आत्मसमर्पण अभियान Chhattisgarh Police और Odisha Police के संयुक्त प्रयास से ‘पुना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन’ के तहत संभव हुआ।
Naxalite Surrender : परसदा पुलिस लाइन में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आत्मसमर्पण करने वालों का संविधान की प्रति, तिरंगा और गुलाब देकर स्वागत किया गया। अधिकारियों ने बताया कि केंद्र के सहयोग से 2024 से नक्सल-मुक्त भारत की दिशा में पुनर्वास अभियान तेज किया गया है। पुलिस के अनुसार, इस सरेंडर के बाद ओडिशा स्टेट कमेटी का पश्चिमी सब-जोन प्रभावी रूप से समाप्त हो गया है।
Naxalite Surrender : साथ ही छत्तीसगढ़ का रायपुर पुलिस रेंज और ओडिशा का संबलपुर रेंज नक्सल-मुक्त घोषित किया गया है। अधिकारियों ने शेष नक्सलियों से अपील की है कि वे हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटें। शासन की नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वालों को इनामी राशि, स्वास्थ्य सुविधा, आवास और रोजगार सहायता दी जाएगी।
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