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CG News: रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु योजना) के तहत जन्म से सुनने में अक्षम तीन मासूम बच्चों को नई जिंदगी मिली है। AIIMS रायपुर में इन बच्चों का कॉक्लियर इंप्लांट सर्जरी सफलतापूर्वक और पूरी तरह निशुल्क किया गया। इनमें कबीरधाम जिले के धैर्य मरकाम, कोरबा के 2.5 वर्षीय नक्ष कोशले और सक्ती जिले की तीक्षिका साहू शामिल हैं।
CG News: धैर्य मरकाम को जन्म से सुनने की समस्या थी। चिरायु टीम की जांच में यह पकड़ी गई और 16 फरवरी 2026 को AIIMS में सफल ऑपरेशन हुआ। बच्चा अब डॉक्टरों की निगरानी में है और हालत स्थिर है। नक्ष कोशले की शुरुआती जांच में सुनने की दिक्कत सामने आई, जिसके बाद 14 फरवरी को सर्जरी की गई। डॉक्टरों के अनुसार बच्चा स्वस्थ है और इलाज जारी है।
CG News: तीक्षिका साहू की जांच आंगनबाड़ी स्तर पर हुई, जहां बधिरता की पहचान हुई। 17 फरवरी 2026 को AIIMS रायपुर में उनका ऑपरेशन हुआ। अब स्पीच थेरेपी के जरिए सुनने-बोलने में सुधार हो रहा है।
CG News: परिजनों ने राज्य सरकार, स्वास्थ्य विभाग और AIIMS टीम का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इतना महंगा और जटिल इलाज उनके बस की बात नहीं था। यह योजना उनके बच्चों की जिंदगी बदल गई। डॉक्टरों ने बताया कि कॉक्लियर इंप्लांट एक महंगा उपचार है, लेकिन चिरायु योजना से यह मुफ्त उपलब्ध हो पाया।

