Ayodhya Ram Temple
Ayodhya Ram Temple: अयोध्या: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को एक दुर्लभ ऐतिहासिक उपहार मिला है। दिल्ली के केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय ने लगभग 400 वर्ष पुरानी वाल्मीकि रामायण की प्राचीन पांडुलिपि (संस्कृत लिपि में टीका सहित) ट्रस्ट को स्थायी रूप से सौंपी है। यह पांडुलिपि पहले राष्ट्रपति भवन संग्रहालय में रखी गई थी, लेकिन ट्रस्ट की अपील पर अब राम मंदिर परिसर में स्थापित की जाएगी। ट्रस्ट महासचिव चंपत राय को सौंपी गई यह रामायण मंदिर पहुंच चुकी है और गर्भगृह के निकट द्वितीय तल पर रखी जाएगी।
Ayodhya Ram Temple: राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने शुक्रवार को निर्माण कार्यों की समीक्षा शुरू की। उन्होंने बताया कि हिंदू नव वर्ष (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, 19 मार्च 2026) पर विशेष कार्यक्रम आयोजित होगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अनौपचारिक सहमति दी है, वे राम मंदिर परिसर में लगभग 400 श्रमिकों को सम्मानित करेंगी और भगवान रामलला के दर्शन भी करेंगी।
Ayodhya Ram Temple: मिश्र ने आगे कहा कि कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य ने राम यंत्र स्तोत्र सौंपा है, जो भी मंदिर पहुंच गया है। प्राचीन ग्रंथों और धरोहरों को गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा। प्राचीन रामायणों के चयन हेतु विशेष समिति गठित की जाएगी तथा ट्रस्ट जल्द सार्वजनिक विज्ञापन जारी करेगा।
Ayodhya Ram Temple: रामलला के अस्थायी मंदिर को मेमोरियल के रूप में फरवरी अंत तक तैयार किया जाएगा। राम मंदिर आंदोलन के शहीदों का स्मारक मार्च तक पूर्ण होगा। अप्रैल अंत तक एलएंडटी और टीसीएस अपना कार्य पूरा कर लौट जाएंगी। नृपेंद्र मिश्र दो दिनों तक निर्माण की समीक्षा करेंगे।
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