Doomsday Clock
Doomsday Clock: वॉशिंगटन: वैश्विक तनाव, चल रहे संघर्ष और उभरते खतरों के बीच बुलेटिन ऑफ द एटॉमिक साइंटिस्ट्स ने मंगलवार को प्रलय की घड़ी (डूम्सडे क्लॉक) को आधी रात से मात्र 85 सेकंड पहले सेट कर दिया। यह 80 साल के इतिहास में सबसे करीब का समय है, जो दर्शाता है कि मानवता स्वयं निर्मित तबाही के बेहद निकट पहुंच चुकी है। पिछले साल यह 89 सेकंड दूर थी, अब चार सेकंड और आगे बढ़ा दी गई है।
Doomsday Clock: बुलेटिन की अध्यक्ष एलेक्जेंड्रा बेल ने कहा, “तबाही का खतरा बढ़ रहा है, सहयोग घट रहा है और समय तेजी से कम होता जा रहा है।” साइंस एंड सिक्योरिटी बोर्ड के चेयरमैन डेनियल होल्ज ने चेताया कि बंटी हुई दुनिया पूरी मानवता को और कमजोर बना रही है। बड़ी शक्तियां आक्रामक हो रही हैं, समझौते टूट रहे हैं और अस्तित्व का खतरा बढ़ता जा रहा है।
Doomsday Clock: मुख्य खतरे परमाणु युद्ध, जलवायु परिवर्तन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दुरुपयोग, साइबर हमले और महामारी हैं। 1947 में शुरू हुई यह प्रतीकात्मक घड़ी इंसानों द्वारा बनाए खतरों से सभ्यता के अंत की दूरी बताती है। बोर्ड में नोबेल विजेता और विशेषज्ञ शामिल हैं, जो वैज्ञानिक व भू-राजनीतिक आकलन पर निर्णय लेते हैं।
Doomsday Clock: वैज्ञानिकों का कहना है कि स्थिति गंभीर है, लेकिन परिवर्तन संभव है। परमाणु हथियार कम करना, युद्ध रोकना, तकनीक नियंत्रित करना और लोकतंत्र मजबूत करना जैसे कदम उठाए जाएं तो खतरा टाला जा सकता है।
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