Karnataka Assembly Session: बेंगलुरु। देश में राज्यपाल बनाम राज्य सरकार के टकराव की कड़ी में गुरुवार को कर्नाटक एक नया केंद्र बन गया। राज्य विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने सरकार के अभिभाषण की केवल दो पंक्तियां पढ़ीं और सदन से वॉकआउट कर गए।
Karnataka Assembly Session: बता दें कि इससे पहले तमिलनाडु में राज्यपाल आरएन रवि और केरल में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर के साथ भी अभिभाषण को लेकर विवाद हुआ था, जहां वे पूरे भाषण को नहीं पढ़ पाए।
Karnataka Assembly Session: थावरचंद गहलोत राज्यपाल का यह कदम उस वक्त आया, जब विधानसभा में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा तैयार अभिभाषण में केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना वाले 11 पैराग्राफ शामिल थे। राज्यपाल ने इन्हीं अंशों पर आपत्ति जताई थी।
Karnataka Assembly Session: विवाद की जड़: केंद्र सरकार की योजना पर विरोध
अभिभाषण में केंद्र की नई योजना विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन’ (VB-G RAM G) की आलोचना की गई थी, जिसे मनरेगा के स्थान पर लाया गया है। कर्नाटक सरकार ने इसे गरीबों के अधिकारों पर चोट बताया। राज्यपाल ने इन 11 पैरा को हटाने या संशोधित करने का सुझाव दिया था, लेकिन मंत्रिमंडल ने किसी भी बदलाव से इनकार कर दिया।
Karnataka Assembly Session: सदन में क्या हुआ
गुरुवार सुबह विधान सभा पहुंचे राज्यपाल का मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष ने स्वागत किया। आसन ग्रहण करने के बाद उन्होंने अभिभाषण की शुरुआती दो पंक्तियां पढ़ीं, फिर पूरे भाषण को पढ़ा हुआ मानते हुए सदन के पटल पर रख दिया और बाहर निकल गए। इस दौरान कांग्रेस विधायकों ने विरोध प्रदर्शन किया, जिससे सदन में हंगामा मच गया।
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