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Congress: नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र की मोदी सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को निरस्त कर विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) अधिनियम, 2025 लागू करने के फैसले का कड़ा विरोध करते हुए देशव्यापी अभियान की घोषणा की है। कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक के बाद खरगे ने कहा कि पार्टी 5 जनवरी 2026 से पूरे देश में ‘मनरेगा बचाओ अभियान’ शुरू करेगी। यह अभियान गरीबों और ग्रामीण मजदूरों के काम के अधिकार की रक्षा के लिए होगा।
Congress: खरगे ने मनरेगा को यूपीए सरकार की दूरदर्शी योजना बताया, जिसकी विश्व स्तर पर सराहना हुई और इसका नाम महात्मा गांधी के नाम पर रखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने बिना किसी अध्ययन, राज्यों या विपक्ष से सलाह के इस कानून को रद्द कर दिया, ठीक वैसे ही जैसे तीन कृषि कानूनों के साथ किया था। खरगे ने चेतावनी दी कि यह गरीबों पर सीधा हमला है और जनता की नाराजगी का सामना सरकार को करना पड़ेगा। उन्होंने तीन कृषि कानूनों और भूमि अधिग्रहण संशोधनों के वापस लेने का उदाहरण देते हुए कहा कि जन आंदोलन से मनरेगा को भी बचाया जाएगा।
Congress: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस फैसले को संघीय ढांचे और गरीबों पर घातक हमला बताया। उन्होंने कहा कि मनरेगा न केवल रोजगार योजना थी, बल्कि ग्रामीण भारत को मजबूती देने वाला विकास का ढांचा था। मोदी सरकार ने एकतरफा तरीके से इसे खत्म कर दिया, जो नोटबंदी जैसे फैसलों की तरह है। राहुल ने भरोसा जताया कि पूरा विपक्ष एकजुट होकर इस कदम का विरोध करेगा।
कांग्रेस ने संकल्प लिया कि लोकतांत्रिक तरीके से इस ‘काले कानून’ का विरोध किया जाएगा। पार्टी का कहना है कि नया कानून अधिकारों को कमजोर करता है और राज्यों पर बोझ डालता है।
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