Bengaluru Stampede
Bengaluru Stampede: नई दिल्ली : बेंगलुरु में एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की आईपीएल जीत के जश्न के दौरान हुई भगदड़ के बाद कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) के सचिव ए. शंकर और कोषाध्यक्ष ई. जयराम ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 33 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
शुक्रवार, 6 जून की रात हुए इस हादसे के बाद शनिवार को जारी एक प्रेस बयान में दोनों अधिकारियों ने अपने इस्तीफे की जानकारी दी और कहा कि भले ही उनकी भूमिका सीमित थी, वे नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल प्रभाव से अपने पदों से हट रहे हैं। उन्होंने अपने त्यागपत्र कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ के अध्यक्ष को भेज दिए हैं।
Bengaluru Stampede: इवेंट के लिए KSCA ने मांगी थी अनुमति
रिपोर्ट के अनुसार, KSCA ने RCB की जीत के उपलक्ष्य में समारोह आयोजित करने के लिए विधान सौधा से अनुमति मांगी थी। रिपोर्ट सामने आने के कुछ ही घंटों बाद शंकर और जयराम ने इस्तीफा दे दिया। इससे यह स्पष्ट हुआ कि फ्रेंचाइज़ी को आयोजन की मंजूरी दिलवाने में KSCA की भूमिका थी।
Bengaluru Stampede: जिम्मेदारी इवेंट कंपनी पर डाली गई
KSCA की ओर से कहा गया कि आयोजन की ज़िम्मेदारी इवेंट मैनेजमेंट कंपनी डीएनए एंटरटेनमेंट की थी, जिसने सभी आवश्यक प्रबंध करने का दावा किया था। इस हादसे के बाद कब्बन पार्क पुलिस स्टेशन में RCB, KSCA अध्यक्ष रघुराम भट, सचिव शंकर, कोषाध्यक्ष जयराम और इवेंट कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज की गई।
Bengaluru Stampede: कोर्ट की सख्ती और अगली सुनवाई
KSCA अधिकारियों ने FIR को चुनौती देते हुए कर्नाटक हाई कोर्ट में यह दलील दी कि गेट और भीड़ प्रबंधन उनकी जिम्मेदारी नहीं थी। कोर्ट ने इस पर पुलिस को फिलहाल कोई कठोर कार्रवाई न करने का निर्देश दिया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 16 जून को होगी, जिसमें FIR रद्द करने की याचिका पर विचार किया जाएगा।
Bengaluru Stampede: अंदर कार्यक्रम शांतिपूर्ण, बाहर मची अफरा-तफरी
जहाँ विधान सौधा में हुआ मुख्य सम्मान समारोह शांतिपूर्वक संपन्न हुआ, वहीं चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर लाखों की संख्या में जमा भीड़ को लेकर स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। भारी भीड़ के कारण विजय जुलूस को रोकना पड़ा, जिससे नाराज भीड़ ने अफरा-तफरी मचा दी और भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई।
