US Iran War
US Iran War: तेहरान। पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका की उस मांग को सख्ती से खारिज कर दिया है, जिसमें ईरान से बिना शर्त आत्मसमर्पण करने को कहा गया था। राज्य टीवी पर प्रसारित अपने रिकॉर्डेड संदेश में राष्ट्रपति ने साफ कहा कि ईरान किसी भी तरह के दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की यह उम्मीद कि ईरान बिना शर्त आत्मसमर्पण करेगा, केवल एक सपना है जो कभी पूरा नहीं होगा।
US Iran War: पड़ोसी देशों पर हमलों को लेकर जताया खेद
अपने संबोधन में राष्ट्रपति पेजेशकियन ने खाड़ी क्षेत्र के कुछ देशों पर हुए हालिया हमलों को लेकर खेद भी जताया। उन्होंने कहा कि ये घटनाएं गलतफहमी के कारण हुईं और ईरान भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने की कोशिश करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक पड़ोसी देशों की जमीन से ईरान पर कोई हमला नहीं किया जाएगा, तब तक तेहरान की ओर से भी ऐसे कदम नहीं उठाए जाएंगे। ईरानी मीडिया के अनुसार, इस फैसले को ईरान की अंतरिम नेतृत्व परिषद ने भी मंजूरी दी है।
US Iran War: रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने की बातचीत
इसी बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से फोन पर बातचीत की। इस दौरान पुतिन ने क्षेत्र में जारी संघर्ष को जल्द समाप्त करने और शांति स्थापित करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ईरान से जुड़े विवादों का समाधान सैन्य कार्रवाई से नहीं बल्कि कूटनीतिक और राजनीतिक बातचीत से निकाला जाना चाहिए। पुतिन ने सभी पक्षों से संयम बरतने और संवाद के जरिए समाधान खोजने की अपील की।
US Iran War: अमेरिका ने बड़े हमले की चेतावनी दी
वहीं अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने फॉक्स न्यूज से बातचीत में दावा किया कि ईरान पर जल्द ही अब तक का सबसे बड़ा हमला किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य ईरान के मिसाइल लॉन्चर और मिसाइल निर्माण से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाना है।
US Iran War: अरब लीग की आपात बैठक आज
ईरान से जुड़े हालिया हमलों और क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति पर चर्चा के लिए अरब लीग के विदेश मंत्रियों की रविवार को आपात बैठक बुलाई गई है। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित की जाएगी। सऊदी अरब, कुवैत, कतर, ओमान, जॉर्डन और मिस्र ने संयुक्त रूप से इस बैठक की मांग की है। इन देशों का कहना है कि क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव को देखते हुए सामूहिक रणनीति बनाना बेहद जरूरी हो गया है।
US Iran War: तेजी से बदल रहे हैं पश्चिम एशिया के हालात
पश्चिम एशिया में पिछले कुछ दिनों से हालात तेजी से बदल रहे हैं। 28 फरवरी को शुरू हुए संघर्ष के बाद से ईरान इस्राइल समेत क्षेत्र के कई देशों को निशाना बना चुका है। अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के साथ बढ़ते टकराव के कारण पूरे क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।
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