US Special Forces Operation: वॉशिंगटन/तेहरान। अमेरिकी स्पेशल ऑपरेशंस फोर्सेज ने एक बेहद जोखिम भरे मिशन को अंजाम देते हुए ईरान में फंसे अपने लापता एयरफोर्स अधिकारी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। शनिवार रात चलाए गए इस रेस्क्यू ऑपरेशन में किसी भी अमेरिकी सैनिक के हताहत होने की खबर नहीं है। घायल अधिकारी को तुरंत इलाज के लिए कुवैत भेज दिया गया है, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
US Special Forces Operation: यह मिशन तब शुरू हुआ जब शुक्रवार को ईरान ने अमेरिका के एफ-15ई स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमान को मार गिराया। विमान के गिरने से पहले दोनों क्रू मेंबर्स ने इजेक्ट कर लिया था। पायलट को जल्दी सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन वेपन्स सिस्टम ऑफिसर दुश्मन के इलाके में फंस गया।
24 घंटे तक एक पिस्तौल के सहारे छिपकर बचाई जान
US Special Forces Operation: करीब 24 घंटे तक वह अधिकारी केवल एक पिस्तौल के सहारे छिपकर अपनी जान बचाता रहा। इस दौरान ईरानी सेना ने इलाके की घेराबंदी कर दी और उसे पकड़ने के लिए स्थानीय लोगों को इनाम देने की घोषणा भी की। हालांकि, अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्थानीय असंतोष के कारण कुछ लोगों ने अधिकारी को छिपने में मदद भी दी।
US Special Forces Operation: सैकड़ों कमांडो और हाईटेक संसाधनों का इस्तेमाल
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट की रिपोर्ट के अनुसार, इस मिशन में सैकड़ों स्पेशल ऑपरेशंस सैनिक शामिल थे। ऑपरेशन में दर्जनों लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर, साइबर और स्पेस इंटेलिजेंस सिस्टम का व्यापक उपयोग किया गया।
US Special Forces Operation: फंसे हुए अधिकारी ने एक बीकन और सुरक्षित संचार उपकरण के जरिए रेस्क्यू टीम से संपर्क बनाए रखा। जैसे ही अमेरिकी कमांडो उसकी लोकेशन के करीब पहुंचे, इलाके में भीषण गोलीबारी शुरू हो गई।
US Special Forces Operation: स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने पास आ रहे ईरानी सैन्य काफिलों पर हवाई हमले किए, जिससे उन्हें दूर रखा जा सके। इस ऑपरेशन में अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA ने भी अनकन्वेंशनल असिस्टेड रिकवरी के तहत नागरिकों से संपर्क साधने में अहम भूमिका निभाई।
US Special Forces Operation: दुश्मन के हाथ न लगे इसलिए अपने विमान बम उड़ा दिया
ऑपरेशन के अंतिम चरण में एक बड़ी चुनौती तब सामने आई जब कमांडो और अधिकारी को ले जा रहे दो ट्रांसपोर्ट विमान ईरान के एक दूरस्थ बेस पर तकनीकी खराबी के कारण फंस गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कमांडरों ने तुरंत तीन नए विमान भेजे।
US Special Forces Operation: सुरक्षा कारणों से खराब पड़े दोनों विमानों को बम से नष्ट कर दिया गया, ताकि वे ईरान के हाथ न लग सकें। इसके बाद सभी सैनिकों और रेस्क्यू किए गए अधिकारी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
US Special Forces Operation: सबसे जटिल मिशनों में शामिल
एक वरिष्ठ अमेरिकी सैन्य अधिकारी ने इस ऑपरेशन को अब तक के सबसे जटिल और चुनौतीपूर्ण मिशनों में से एक बताया है। दुश्मन की जमीन पर इस स्तर की कार्रवाई और सैकड़ों सैनिकों की भागीदारी अमेरिकी सैन्य क्षमता का बड़ा प्रदर्शन मानी जा रही है। फिलहाल, बचाए गए अधिकारी का कुवैत में विशेषज्ञों की निगरानी में इलाज जारी है और उसकी हालत स्थिर बनी हुई है।
Discover more from ASIAN NEWS BHARAT - Voice of People
Subscribe to get the latest posts sent to your email.


