UP
UP: लखनऊ: उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण मतदाताओं को साधने की होड़ तेज हो गई है। बसपा और सपा के प्रयासों को जवाब देने के लिए उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने गुरुवार को अपने सरकारी आवास पर 100 बटुकों (ब्राह्मण बालकों) का सम्मान किया। इस कार्यक्रम में पाठक ने बटुकों पर पुष्प वर्षा की, तिलक लगाया और उन्हें उपहार दिए। उन्होंने कहा, “चोटी खींचने वालों को पाप लगेगा,” जो स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के हालिया विवाद की ओर इशारा करता है।
UP: राजनीतिक गलियारों में इसे भाजपा की ओर से डैमेज कंट्रोल माना जा रहा है। प्रयागराज के माघ मेले से शुरू हुआ स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का विवाद थम नहीं रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिना नाम लिए “कालनेमि” जैसे शब्दों से हमला किया और कहा कि कोई खुद को शंकराचार्य नहीं लिख सकता। विपक्ष, खासकर सपा, बजट सत्र में इसे मुद्दा बनाकर सरकार को घेर रही है। अखिलेश यादव ने तंज कसा, “दूसरों से सर्टिफिकेट मांगने वाले खुद क्या सर्टिफिकेट देंगे?”
UP: इससे पहले, ब्राह्मण विधायकों की बैठक के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कड़ा रुख अपनाया था। इसके जवाब में बसपा सुप्रीमो मायावती ने ब्राह्मणों के पक्ष में लगातार बयान दिए, जबकि अखिलेश यादव ने अपनी पार्टी के कार्यक्रमों को ब्राह्मण-समर्थक बताया। बटुकों ने पाठक के इस कदम की सराहना की और कहा कि उन्होंने ब्राह्मण समाज की परंपराओं की रक्षा के लिए स्पष्ट स्टैंड लिया।
UP: उप मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि भाजपा ब्राह्मण समाज के सम्मान और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले ब्राह्मण वोट बैंक पर सभी पार्टियां नजर गड़ाए हैं।
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