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UGC: धर्मशाला: हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित सरकारी डिग्री कॉलेज की 19 वर्षीय छात्रा की इलाज के दौरान मौत के मामले में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने गंभीर संज्ञान लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर यूजीसी की एंटी-रैगिंग हेल्पलाइन ने स्वत: संज्ञान लेते हुए फैक्ट-फाइंडिंग समिति गठित करने का फैसला किया है। आयोग ने आश्वासन दिया कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
UGC: पीड़िता की मौत 26 दिसंबर 2025 को लुधियाना के एक अस्पताल में हुई। छात्रा के पिता ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को कॉलेज में तीन सीनियर छात्राओं हर्षिता, आकृति और कोमोलिका ने 18 सितंबर 2025 को बुरी तरह पीटा और धमकाया। साथ ही प्रोफेसर अशोक कुमार ने यौन उत्पीड़न किया, जिससे वह गंभीर अवसाद में चली गई। पिता ने कहा, “मेरी बेटी ने वीडियो में सब बताया था। वह इतनी प्रताड़ित हुई कि डिप्रेशन में चली गई। हमें न्याय चाहिए।”
UGC: कांगड़ा पुलिस अधीक्षक अशोक रतन ने बताया कि शिकायत के बाद भारतीय न्याय संहिता की धारा 75 (यौन उत्पीड़न), 115(2), 3(5) और हिमाचल प्रदेश रैगिंग निषेध अधिनियम के तहत प्रोफेसर और तीन छात्राओं के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। जांच प्रारंभिक चरण में है और सभी आरोपों की गहन पड़ताल की जा रही है।
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