SWAMITVA Scheme Delhi: स्वामित्व स्कीम में 65 लाख से ज्यादा संपत्ति कार्ड बांटेंगे PM मोदी....

SWAMITVA Scheme Delhi: स्वामित्व स्कीम में 65 लाख से ज्यादा संपत्ति कार्ड बांटेंगे PM मोदी….
SWAMITVA Scheme Delhi: स्वामित्व स्कीम में 65 लाख से ज्यादा संपत्ति कार्ड बांटेंगे PM मोदी….
नई दिल्ली: SWAMITVA Scheme Delhi: स्वामित्व योजना, पंचायती राज मंत्रालय की एक प्रमुख केंद्रीय योजना है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 अप्रैल 2021 को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर लॉन्च किया था। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्तियों के स्वामित्व को स्पष्ट करने और उनकी आर्थिक प्रगति को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
योजना का उद्देश्य
स्वामित्व योजना का उद्देश्य आधुनिक ड्रोन तकनीक का उपयोग करके ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि पार्सल का सर्वेक्षण और मानचित्रण करना है। इस प्रक्रिया से संपत्ति मालिकों को कानूनी स्वामित्व कार्ड (संपत्ति कार्ड/टाइटल डीड) जारी किए जाते हैं, जो संपत्ति पर उनके अधिकारों को स्थापित करते हैं।
कार्यक्रम का विस्तार
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों के 230 जिलों के 50,000 से अधिक गांवों में संपत्ति मालिकों को 65 लाख से अधिक संपत्ति कार्ड वितरित करेंगे। इसमें दिल्ली के 31 गांवों को भी शामिल किया गया है, जिनमें साउथ दिल्ली के 16 गांव सबसे अधिक हैं।
SWAMITVA Scheme Delhi: ड्रोन तकनीक और संपत्ति अधिकार
इस योजना के तहत, 3.17 लाख से अधिक गांवों में ड्रोन सर्वेक्षण पूरा किया जा चुका है, जो लक्षित गांवों का 92% है। अब तक 1.53 लाख गांवों के लिए 2.25 करोड़ संपत्ति कार्ड तैयार किए गए हैं। यह प्रक्रिया संपत्तियों के मुद्रीकरण, बैंक ऋण की सुविधा, संपत्ति कर के बेहतर मूल्यांकन, और ग्राम स्तर पर समग्र योजना को सक्षम बनाती है।
सफलता के मील के पत्थर
यह योजना पुडुचेरी, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, त्रिपुरा, गोवा, उत्तराखंड और हरियाणा जैसे क्षेत्रों में लक्ष्य तक पूरी तरह पहुंच चुकी है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी ड्रोन सर्वेक्षण का कार्य पूरा हो चुका है।
सहयोग और क्रियान्वयन
स्वामित्व योजना पंचायती राज मंत्रालय, राज्य राजस्व विभाग, राज्य पंचायती राज विभाग और भारतीय सर्वेक्षण विभाग के संयुक्त प्रयासों से संचालित की जाती है। यह योजना ग्रामीण भारत में संपत्ति अधिकारों को सशक्त करने और विवादों को कम करने में सहायक है।
यह योजना ग्रामीण विकास और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए एक क्रांतिकारी पहल है, जो भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति अधिकारों की नई परिभाषा प्रस्तुत करती है।


