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RSS: बांग्लदेशी हिंदुओं के साथ आरएसएस, संयुक्त राष्ट्र से दखल की मांग, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की प्रतिनिधिसभा की बैठक में प्रस्ताव पास

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बैंगलूरू। RSS: बैंगलूरू में चल रही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की प्रतिनिधिसभा की बैठक में शनिवार 22 मार्च 2025 को एक प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें बांग्लादेश के हिंदुओं के साथ एकजुटता दिखाई गई। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने भारत सरकार से मांग की है कि वह बांग्लादेश में हिंदू समुदाय की सुरक्षा, सम्मान और भलाई के लिए हर संभव कोशिश करे। इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक समुदाय से भी अपील की गई है कि वे इस मामले को गंभीरता से लें और बांग्लादेश सरकार पर दबाव डालें।

RSS: राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का कहना है कि बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के साथ अमानवीय व्यवहार हो रहा है। पिछले कुछ समय से वहां हिंदुओं पर हमले, मंदिरों को नुकसान और उनकी संपत्ति हड़पने की खबरें सामने आई हैं। संगठन ने इसे चिंताजनक बताया और कहा कि यह सिर्फ बांग्लादेश तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे कुछ अंतरराष्ट्रीय ताकतों की साजिश भी हो सकती है। प्रस्ताव में कहा गया कि ये ताकतें भारत के आसपास के क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रही हैं।

RSS: ठोस कदम उठाए भारत सरकार
संघ ने भारत सरकार से कहा कि वह बांग्लादेश के हालात पर नजर रखे और वहां के हिंदुओं की मदद के लिए ठोस कदम उठाए. यह भी सुझाव दिया गया कि भारत को अपने राजनयिक रास्तों का इस्तेमाल करके बांग्लादेश सरकार से बात करनी चाहिए। साथ ही, जरूरत पड़ने पर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर यह मुद्दा उठाना चाहिए।

RSS: राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का मानना है कि हिंदुओं की सुरक्षा के लिए भारत की भूमिका बहुत अहम है, क्योंकि भारत हमेशा से अपने पड़ोसियों के साथ अच्छे रिश्ते और शांति की वकालत करता रहा है। प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि वैश्विक समुदाय को मानवाधिकारों की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए और बांग्लादेश में शांति स्थापित करने में मदद करनी चाहिए।

RSS: राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने यह भी चेतावनी दी कि भारत के आसपास अस्थिरता फैलाने की कोशिशें नई नहीं हैं। कुछ अंतरराष्ट्रीय ताकतें लंबे समय से भारत विरोधी माहौल बनाने की कोशिश कर रही हैं इसमें पाकिस्तान और उसकी डीप स्टेट गतिविधियों का भी जिक्र किया गया। संगठन ने कहा कि ये ताकतें भारत को कमजोर करने के लिए पड़ोसी देशों में अशांति फैलाना चाहती हैं।


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