Rajasthan News
Rajasthan News: जयपुर। राजस्थान में इस वर्ष मानसून में भारी बारिश हुई है, जिसके परिणामस्वरूप राज्य के बांध पानी से लबालब हो गए हैं। अगस्त 2025 की शुरुआत तक, प्रदेश के 693 बांधों में से 261 पूरी तरह भर चुके हैं, जबकि 299 बांध आंशिक रूप से भरे हैं। यह पिछले वर्ष की तुलना में दोगुना जल भंडारण है, जो राजस्थान के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। मौसम विभाग के अनुसार, बारिश का सिलसिला अभी जारी रहेगा, जिससे बांधों में और पानी की आवक होने की संभावना है।
कोटा संभाग में जल भंडारण
कोटा संभाग इस बार जल भंडारण के मामले में सबसे आगे है। यहां के 81 बांधों में से 91% पूर्ण या आंशिक रूप से भरे हुए हैं। इसके बाद बांसवाड़ा में 63 बांधों में 79%, जयपुर में 199 बांधों में 77%, भरतपुर में 68 बांधों में 54%, और उदयपुर में 178 बांधों में 51% जलस्तर दर्ज किया गया है। कुल मिलाकर, 286 छोटे बांधों में से 116 पूर्ण और 130 आंशिक रूप से भरे हैं, जबकि 407 बड़े बांधों में 145 पूर्ण और 169 आंशिक रूप से भरे हैं। केवल 133 बांध अभी खाली हैं।
पिछले साल से दोगुनी उपलब्धि
पिछले वर्ष इस समय तक बांधों में केवल 40% जल भंडारण था, लेकिन इस बार 80% बांधों में पानी की भरपाई हो चुकी है। यह आंकड़ा राजस्थान में इस मानसून के असाधारण प्रदर्शन को दर्शाता है। मौसम विभाग के अनुसार, जून से अगस्त 2025 तक राज्य में 403 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य 424 मिमी का 94% है और पिछले साल की तुलना में 85% अधिक है। विशेष रूप से कोटा संभाग के कई छोटे बांध पूर्ण क्षमता पर हैं, जबकि बड़े बांध जैसे बिसलपुर, परवती, और माही बजाज सागर में भी अच्छी आवक देखी गई है।
जल प्रबंधन और सतर्कता
राज्य सरकार ने जल प्रबंधन को मजबूत करने के लिए व्यापक कदम उठाए हैं। जयपुर में सिंचाई भवन में 24×7 केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष जून 2025 से सक्रिय है, जो बांधों के जलस्तर, नदियों की स्थिति और बारिश की निगरानी कर रहा है। 202 बांधों से नियंत्रित जल निकासी की जा रही है, जिसके लिए जनता को पहले से सूचित किया जा रहा है। इसके अलावा, राजस्व विभाग के 41 और जल संसाधन विभाग के 36 नियंत्रण कक्ष स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने अधिकारियों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने के निर्देश दिए हैं।
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