Naxalite Surrender
: सुकमा : नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में पुलिस और सुरक्षाबलों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सल आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के तहत सोमवार को पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) बटालियन के दो कुख्यात इनामी नक्सलियों समेत कुल 16 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया। इन नक्सलियों ने सुकमा पुलिस और सीआरपीएफ अधिकारियों के समक्ष हथियार डालकर हिंसा का रास्ता छोड़ने का ऐलान किया।
Naxalite Surrender : दो कुख्यात नक्सलियों पर था आठ-आठ लाख का इनाम
आत्मसमर्पण करने वालों में एक महिला और एक पुरुष नक्सली शामिल हैं, जिन पर राज्य सरकार ने 8-8 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। वहीं, अन्य 6 नक्सलियों पर कुल 25 लाख रुपये का इनाम था। सभी आत्मसमर्पण करने वालों को सरकार की नीति के तहत तत्काल प्रोत्साहन राशि के रूप में 50-50 हजार रुपये प्रदान किए गए।
Naxalite Surrender : वर्षों से सक्रिय थे नक्सली, कई हिंसक वारदातों में रहे शामिल
पुलिस के अनुसार, आत्मसमर्पित नक्सली 3 से 10 वर्षों तक माओवादी संगठन से जुड़े रहे और सुकमा क्षेत्र में कई हिंसक घटनाओं में उनकी भूमिका रही। आत्मसमर्पण करने वालों में एक 22 वर्षीय महिला नक्सली भी शामिल है जो बीते पांच सालों से संगठन में सक्रिय थी, जबकि शेष 15 पुरुष नक्सलियों की उम्र 20 से 30 वर्ष के बीच है।
Naxalite Surrender : पुनर्वास नीति बनी बदलाव की कड़ी
इस मौके पर सुकमा एसपी किरण चव्हाण, एएसपी उमेश गुप्ता और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में आत्मसमर्पण प्रक्रिया पूरी हुई। अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति नक्सल प्रभावित युवाओं को नई दिशा देने में कारगर सिद्ध हो रही है। इस नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को 10 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता, शिक्षा, रोजगार और सुरक्षा मुहैया कराई जाती है ताकि वे सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।
Naxalite Surrender : शांति स्थापना की ओर एक और मजबूत कदम
प्रशासन का मानना है कि इस सामूहिक आत्मसमर्पण से क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों को बड़ा झटका लगेगा और सुकमा व आस-पास के क्षेत्रों में शांति स्थापित करने में यह एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

