G-7 Summit 2026: मोदी फरिश्ते जैसे हैं…कुशल वार्ताकार, G7 में डोनाल्ड ट्रंप बोले- ऐसे लोग बहुत कम होते
G-7 Summit 2026: एवियन (फ्रांस)। जी-7 शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई। बैठक के बाद दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका संबंधों, व्यापार, रक्षा सहयोग और वैश्विक चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा करते हुए उन्हें “बहुत ही कुशल वार्ताकार” बताया। उन्होंने कहा कि फ्रांस में उनकी सबसे अच्छी बैठकों में से एक प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई बातचीत रही। ट्रंप ने कहा कि मोदी एक ऐसे नेता हैं जो सौम्य व्यक्तित्व के साथ-साथ बेहद दृढ़ और प्रभावशाली निर्णय क्षमता रखते हैं।
ट्रंप ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी एक कुशल व्यापारी हैं और भारतीय जनता से गहरा प्रेम करते हैं। साथ ही वे अमेरिका के साथ भी मजबूत संबंधों के पक्षधर हैं। ह्यूस्टन में आयोजित ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम आज भी हमारी यादों में है, जहां भारी संख्या में लोगों ने भाग लिया था। भविष्य में मैं फिर से भारत आने की इच्छा रखता हूं।
रक्षा सहयोग पर दिया भरोसा
भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों पर बोलते हुए ट्रंप ने दोनों देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक सहयोग को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत के संबंध बेहद मजबूत हैं और दोनों देश सुरक्षा एवं रक्षा के क्षेत्र में लगातार सहयोग बढ़ा रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच भरोसे तथा साझेदारी का स्तर पहले से अधिक मजबूत हुआ है और दोनों देश साझा हितों के मुद्दों पर साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
व्यापार समझौतों पर जारी है काम
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए कई समझौतों पर काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा हुई है।
ट्रंप ने कहा, “अमेरिका और भारत के बीच बहुत कुछ सकारात्मक हो रहा है। दोनों देश व्यापार और निवेश के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए प्रयासरत हैं। प्रधानमंत्री मोदी लंबे समय से मेरे मित्र रहे हैं और हमारे संबंध हमेशा अच्छे रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय कंपनियां अमेरिका में निवेश कर रही हैं और वहां विनिर्माण गतिविधियों का विस्तार कर रही हैं, जिसकी अमेरिका सराहना करता है।
भारत दौरे की यादें ताजा कीं
भारत यात्रा को याद करते हुए ट्रंप ने अपने पिछले दौरे का उल्लेख किया और कहा कि भारत में उन्हें असाधारण स्वागत मिला था। उन्होंने अहमदाबाद में आयोजित विशाल जनसभा का जिक्र करते हुए कहा कि वह उनके राजनीतिक जीवन के सबसे यादगार आयोजनों में से एक था। ट्रंप ने कहा कि भारत में बिताया गया समय उनके लिए बेहद खास रहा और वे भविष्य में फिर भारत आने की उम्मीद रखते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास को बताया सबसे बड़ी रणनीतिक ताकत
जी-7 शिखर सम्मेलन के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक परिदृश्य में विश्वास की बढ़ती आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया भरोसे के संकट का सामना कर रही है और देशों के बीच आपसी विश्वास ही सबसे बड़ी रणनीतिक शक्ति है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, आज विश्व जिस सबसे बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है, वह विश्वास की कमी है। देशों के बीच साझेदारी और सहयोग का भविष्य इसी बात पर निर्भर करेगा कि हम आपसी विश्वास को कितना मजबूत कर पाते हैं। उन्होंने जी-7 देशों के नेताओं से आह्वान किया कि वैश्विक शांति, स्थिरता और विकास के लिए विश्वास आधारित साझेदारी को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
भारत-अमेरिका संबंधों को मिला नया संदेश
जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई मोदी-ट्रंप वार्ता ने एक बार फिर यह संकेत दिया कि भारत और अमेरिका व्यापार, निवेश, रक्षा और रणनीतिक सहयोग के क्षेत्रों में अपने संबंधों को और गहरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। दोनों नेताओं के बयानों में आपसी विश्वास, मित्रता और सहयोग की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी, जिसे भविष्य की वैश्विक साझेदारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

