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MP News : भोपाल। राजधानी भोपाल के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में आज दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल मंगू भाई पटेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि मुख्यमंत्री मोहन यादव और उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने भी कार्यक्रम में शिरकत की। समारोह में विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं और उन्हें उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित किया गया।
MP News : उच्च शिक्षा मंत्री का संबोधन
उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह एक ऐतिहासिक उपलब्धि का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन में निरंतर प्रयास करने और समाज की समस्याओं के समाधान में योगदान देने का आह्वान किया। परमार ने कहा, “आप समाज के संवेदनशील नागरिक हैं। परिवार और समाज के प्रति हमारा कर्तव्य जीवन भर बना रहता है।”
उन्होंने मध्यप्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में हो रहे नवाचारों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को लागू करने में मध्यप्रदेश ने अग्रणी भूमिका निभाई है। भारतीय ज्ञान परंपरा को पाठ्यक्रम में शामिल किया जा रहा है और डिजिटल वैल्यूएशन सिस्टम को लागू करने की दिशा में काम हो रहा है ताकि परीक्षा मूल्यांकन में पारदर्शिता सुनिश्चित हो।
परमार ने भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा, “मध्यप्रदेश देश का हृदय स्थल है, और भाषा जोड़ने का काम करती है। हम सभी विश्वविद्यालयों में एक या दो भारतीय भाषाओं को शामिल करेंगे, जिनमें विद्यार्थियों को क्रेडिट दिए जाएंगे। हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं में मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू की गई है, जो हमारी एकता को मजबूत करेगी।”
MP News : मुख्यमंत्री मोहन यादव का प्रेरक संदेश
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने डिग्री प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई दी और कहा कि महाकाल की कृपा से भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्व में अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा, “अतीत की गलतियों को सुधारने का कार्य हो रहा है। नई शिक्षा नीति के माध्यम से शिक्षा को ज्ञान से जोड़ा जा रहा है।”
सीएम ने विद्यार्थियों के गणवेश और साफे की तारीफ करते हुए कहा, “झांसी की रानी को देखकर जो गर्व होता था, वही अनुभव आज इन बहनों को देखकर हो रहा है।” उन्होंने यह भी बताया कि मध्यप्रदेश में मेडिकल कॉलेजों का विस्तार हो रहा है, जिसकी शुरुआत इंदौर और ग्वालियर विश्वविद्यालयों ने की है। साथ ही, उन्होंने भारतीय भाषाओं को राष्ट्रीय भाषा के रूप में मान्यता देने और शिक्षा में उनकी भूमिका को रेखांकित किया।
MP News : राज्यपाल मंगू भाई पटेल का मार्गदर्शन
राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत का प्रतिफल है। उन्होंने विद्यार्थियों को धर्म और नैतिकता के मार्ग पर चलने की सलाह दी और कहा, “आज से आपके जीवन का नया दौर शुरू हो रहा है। मध्यप्रदेश आने वाले वर्षों में उद्योग का हब बनेगा, और आप सभी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।”
राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नए भारत’ के सपने को साकार करने में मध्यप्रदेश की भूमिका पर जोर दिया और विद्यार्थियों से समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का आग्रह किया।
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