MP डीजीपी सुधीर सक्सेना आज होंगे रिटायर, बेटी सोनाक्षी सक्सेना देंगी सलामी
भोपाल: मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सुधीर सक्सेना आज अपने पद से सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इस अवसर पर उनके सम्मान में भोपाल के मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में शाम 4 बजे एक विदाई परेड का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन को खास बनाने वाला क्षण वह होगा जब उनकी बेटी और डीसीपी सोनाक्षी सक्सेना परेड में अपने पिता को सलामी देंगी।
यह पहला मौका है जब प्रदेश के इतिहास में विदाई परेड के दौरान एक आईपीएस अधिकारी बेटी अपने डीजीपी पिता को सलामी देकर इस भावुक और गौरवपूर्ण क्षण का हिस्सा बनेगी।
- बैच और कैडर:
- 1987 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और मध्यप्रदेश कैडर से हैं।
- प्रमुख पदों पर योगदान:
- डीजीपी बनने से पहले, वे केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के महानिदेशक रह चुके हैं।
- केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।
- प्रमुख कार्य:
- अपने कार्यकाल में सुधीर सक्सेना ने राज्य की कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने और पुलिस बल में तकनीकी उन्नति के लिए उल्लेखनीय प्रयास किए।
- वे अपने प्रशासनिक कौशल और संवेदनशील नेतृत्व के लिए जाने जाते हैं।
विदाई परेड: खास पल
- स्टेडियम में आयोजित इस विदाई परेड में पुलिस विभाग के उच्च अधिकारी, कर्मचारी और राज्य के कई गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे।
- उनकी बेटी, डीसीपी सोनाक्षी सक्सेना, परेड की अगुवाई करते हुए अपने पिता को सलामी देंगी। यह पल न केवल सक्सेना परिवार के लिए बल्कि पूरे पुलिस विभाग के लिए गर्व का क्षण होगा।
सोनाक्षी सक्सेना: पिता की विरासत को आगे बढ़ातीं
- सोनाक्षी सक्सेना आईपीएस अधिकारी हैं और वर्तमान में डीसीपी के पद पर कार्यरत हैं।
- वे अपने पिता की तरह पुलिस सेवा में उत्कृष्टता और कर्तव्यनिष्ठा के लिए जानी जाती हैं।
- इस विदाई परेड में उनकी सलामी उनके पिता के प्रति सम्मान और उनके परिवार की सेवा भावना का प्रतीक होगी।
डीजीपी सुधीर सक्सेना के लिए संदेश:
मध्यप्रदेश पुलिस के लिए सुधीर सक्सेना का कार्यकाल एक मिसाल है। उनका नेतृत्व न केवल प्रशासनिक दृष्टि से बल्कि व्यक्तिगत और मानवीय दृष्टिकोण से भी प्रेरणादायक रहा है।
“सुधीर सक्सेना जैसे अधिकारियों का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। उनकी सेवा और समर्पण राज्य के लिए एक आदर्श हैं।”
यह ऐतिहासिक विदाई:
यह विदाई केवल एक अधिकारी का सम्मान नहीं, बल्कि उनके जीवन के उस प्रेरणादायक सफर का उत्सव है, जिसमें उन्होंने अपने कर्तव्यों को हमेशा सर्वोपरि रखा। उनके परिवार, खासकर उनकी बेटी द्वारा इस गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाना, एक नई प्रेरणा का स्रोत है।
