मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के सरभोका ग्राम पंचायत के नावाडीह गांव से एक शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहलाने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति पंडो समाज की एक गर्भवती महिला को सड़क न होने के कारण खाट पर लिटाकर टॉर्च की रोशनी में पांच किलोमीटर दूर मुख्य सड़क तक लाया गया।
निजी वाहन से पहुंचाया अस्पताल
मुख्य सड़क तक पहुंचाने के बाद परिजनों ने महिला को निजी वाहन से उप स्वास्थ्य केंद्र नागपुर ले जाया। वहां पहुंचने पर महिला ने मृत बच्चे को जन्म दिया।
CMHO का बयान
इस घटना पर जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. अविनाश खरे ने बताया कि गर्भस्थ शिशु ने गंदा पानी पी लिया था, जिससे उसकी मौत हो गई।
ग्रामीणों की समस्याएं
इस गांव में 50 से अधिक विशेष पिछड़ी जनजाति पंडो समाज के लोग रहते हैं। यह इलाका बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। एक सप्ताह पहले भी इसी गांव में एक मरीज को खाट पर लिटाकर अस्पताल ले जाने का मामला सामने आया था।
प्रशासन की अनदेखी
ग्रामीणों ने प्रशासन पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के अभाव के कारण उन्हें हमेशा परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है।
क्या कहती है यह घटना?
यह घटना न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को उजागर करती है, बल्कि पिछड़े इलाकों में बुनियादी सुविधाओं की कमी पर भी सवाल खड़े करती है। सरकार और प्रशासन को इस पर ध्यान देकर ऐसे इलाकों में विकास कार्य तेज करने की जरूरत है।

