MAHAKUMBH 2025 : लॉरेन पॉवेल जॉब्स की कुंभ यात्रा, हिंदू धर्म और आध्यात्मिकता से जुड़ाव...!
MAHAKUMBH 2025 : एप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब्स का हिंदू और बौद्ध धर्म के प्रति गहरा लगाव था, और अब उनकी विधवा पत्नी , लॉरेन पॉवेल जॉब्स, उसी आध्यात्मिक रास्ते पर चल रही हैं। लॉरेन पॉवेल जॉब्स ने कुंभ मेला में शामिल होने का निर्णय लिया है, जहां वह करीब 17 दिन तक निरंजनी अखाड़े के साथ रहेंगी। इस दौरान वह संन्यासियों की तरह जीवन बिताते हुए कल्पवास की परंपरा का पालन करेंगी। वह 13 जनवरी को कुंभ पहुंचेंगी और 29 जनवरी तक वहां रहकर आध्यात्मिक अभ्यास करेंगी।
लॉरेन पॉवेल जॉब्स, जो एमर्सन कलेक्टिव की संस्थापक और अध्यक्ष हैं, और एप्पल के मालिकों में से एक, इस कुंभ में वीवीआईपी अरबपति के तौर पर शामिल होंगी। वह इस दौरान वही संन्यासियों जैसी जीवनशैली अपनाएंगी, जैसे कि कल्पवास के नियमों के अनुसार गंगा स्नान करना, विभिन्न ऋषियों और संतों के प्रवचन सुनना, और भजन-कीर्तन में भाग लेना। निरंजनी अखाड़ा, जहां वह ठहरेंगी, को सबसे अधिक शिक्षित और प्रभावशाली लोगों का अखाड़ा माना जाता है।
कल्पवास एक प्राचीन हिंदू परंपरा है, जो पौष पूर्णिमा से लेकर माघी पूर्णिमा तक मनाई जाती है। इस दौरान लोग साधना में लीन रहते हैं, सरल जीवन अपनाते हैं, और आध्यात्मिक उन्नति पर ध्यान केंद्रित करते हैं। लॉरेन का कुंभ मेले में इतना समय बिताना, और हिंदू धर्म की आध्यात्मिक परंपराओं में शामिल होना, उनके प्रति इस धर्म का आकर्षण दिखाता है।
हालांकि लॉरेन सीधे तौर पर हिंदू धर्म से जुड़ी हुई नहीं हैं, जैसा कि स्टीव जॉब्स बौद्ध धर्म से जुड़े थे, लेकिन यह कदम उनकी ओर से हिंदू धर्म और उसकी आध्यात्मिकता की ओर एक संकेत है। उनके पति स्टीव जॉब्स की शादी एक ज़ेन भिक्षु ने बौद्ध रीति से की थी, और अब लॉरेन भी हिंदू धर्म के आध्यात्मिक पहलुओं में रुचि दिखा रही हैं।
निरंजनी अखाड़ा में उनका ठहरना एक अहम कदम है, क्योंकि यह अखाड़ा अपने समृद्ध इतिहास और आध्यात्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है।
लॉरेन पॉवेल जॉब्स, जो दुनिया की सबसे प्रभावशाली महिलाओं में से एक मानी जाती हैं, अरबपति व्यवसायी, परोपकारी, और स्टीव जॉब्स ट्रस्ट की प्रमुख हैं। इसके अलावा वह कई प्रमुख संस्थाओं और संगठनों के बोर्ड में सदस्य हैं, जैसे कि काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी। उनकी उम्र 61 वर्ष है, और वह डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रमुख दानकर्ताओं में से एक हैं। टाइम्स मैगज़ीन ने उन्हें कई बार दुनिया की सबसे प्रभावशाली महिलाओं की सूची में शामिल किया है।

