रायपुर : शराब घोटाला मामला : छत्तीसगढ़ के शराब घोटाला मामले में पूर्व मंत्री कवासी लखमा को एक और बड़ा झटका लगा है। आर्थिक अपराध अन्वेषण विंग (EOW) की स्पेशल कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। इससे पहले, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 15 जनवरी को कवासी लखमा को गिरफ्तार किया था, और अब EOW भी उनकी गिरफ्तारी की तैयारी कर रही है।
शराब घोटाला मामला : EOW ने आरोप लगाया है कि कवासी लखमा को हर महीने 50 लाख रुपये की अवैध रकम मिलती थी, जो शराब घोटाले से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित है। यह मामला छत्तीसगढ़ राज्य के शराब वितरण और बिक्री के सिस्टम में बड़े पैमाने पर घोटाले को उजागर करता है। EOW ने आरोप लगाया है कि लखमा के नाम पर कई वित्तीय लेन-देन किए गए थे, जिनका कोई कानूनी आधार नहीं था।
राज्य के शराब घोटाले में कई अन्य सरकारी अधिकारी और कारोबारी भी आरोपी हैं, और लखमा का नाम इस मामले में अहम संदिग्ध के रूप में सामने आया है। उनका आरोप है कि शराब के कारोबार में उन्हें 50 लाख रुपये प्रतिमाह मिलते थे, जो अब EOW के जांच का हिस्सा बन चुका है।
इस मामले में कवासी लखमा की गिरफ्तारी से राज्य में राजनीति गर्मा गई है, और विपक्षी दल इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, राज्य सरकार इस घोटाले के मामलों में कार्रवाई तेज करने की बात कह रही है और सुनिश्चित कर रही है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो।
अब देखना यह है कि EOW की अगली कार्रवाई क्या होगी, और क्या कवासी लखमा को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। इस मामले में आगे की जांच के लिए EOW और ED की टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं।