Iran-Israel War: रूसी तेल खरीद पर 30 दिन की छूट, यह प्रधानमंत्री मोदी की रणनीतिक तेल कूटनीति की सफलता: भाजपा
Iran-Israel War: नई दिल्ली। अमेरिका द्वारा भारतीय रिफाइनरियों को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिन की अस्थायी छूट दिए जाने के बाद भाजपा ने इसे प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत की रणनीतिक तेल कूटनीति की बड़ी सफलता बताया है। पार्टी ने साथ ही कांग्रेस और राहुल गांधी पर तेल की कमी को लेकर फर्जी खबरें फैलाने का आरोप लगाया।
Iran-Israel War: भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस को यह पसंद नहीं है कि भारत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में रणनीतिक संयम और स्पष्टता के साथ काम कर रहा है।
Iran-Israel War: दरअसल, ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को बनाए रखने के उद्देश्य से भारतीय रिफाइनरियों को रूसी तेल खरीदने की 30 दिन की अस्थायी छूट देने की घोषणा की है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने गुरुवार को कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ऊर्जा एजेंडे के चलते अमेरिका में तेल और गैस का उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।
Iran-Israel War: बेसेंट ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि भारत अमेरिका का एक महत्वपूर्ण साझेदार है और वाशिंगटन को उम्मीद है कि नई दिल्ली अमेरिकी तेल की खरीद भी बढ़ाएगी। उन्होंने बताया कि यह अंतरिम कदम वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर ईरान द्वारा उत्पन्न दबाव को कम करने के लिए उठाया गया है।
Iran-Israel War: उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अल्पकालिक और सीमित छूट है, जिससे रूस सरकार को कोई बड़ा वित्तीय लाभ नहीं होगा, क्योंकि यह केवल समुद्र में फंसे तेल से जुड़े लेनदेन को ही अधिकृत करती है।
Iran-Israel War: इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस द्वारा तेल की कमी को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम को इस फैसले ने करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की रणनीतिक तेल कूटनीति एक बार फिर सफल साबित हुई है।
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