Iran
Iran: नई दिल्ली: कांग्रेस ने मंगलवार को दावा किया कि यदि पाकिस्तान द्वारा अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच मध्यस्थता की खबरें सही हैं, तो यह भारत के लिए एक बड़ा कूटनीतिक झटका है। पार्टी ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में सैन्य सफलता के बावजूद पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सक्रियता और नैरेटिव प्रबंधन भारत से बेहतर दिख रहा है।
सरकार पर कांग्रेस का हमला
कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में पाकिस्तान को मध्यस्थ के रूप में पेश किया जा रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यदि यह सच है, तो यह “विश्वगुरु” के दावों पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले एक साल में पाकिस्तान ने वैश्विक मंचों पर अपनी स्थिति मजबूत करने में सफलता हासिल की है, जबकि भारत पीछे नजर आ रहा है।
ट्रंप और पाकिस्तान पर टिप्पणी
कांग्रेस नेता ने डोनाल्ड ट्रंप पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख आसिम मुनीर के साथ करीबी संबंध दिखाए। रमेश के अनुसार, ट्रंप द्वारा उन्हें दो बार व्हाइट हाउस आमंत्रित करना भारत के लिए चिंता का विषय है।
मोदी सरकार के फैसलों पर सवाल
कांग्रेस ने नरेंद्र मोदी की हालिया इज़राइल यात्रा पर भी सवाल उठाए। रमेश ने कहा कि यह यात्रा ऐसे समय समाप्त हुई जब ईरान पर संभावित हमले की स्थिति बन रही थी, जिससे भारत की संभावित मध्यस्थ भूमिका कमजोर हो गई।
पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव
28 फरवरी से अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर संयुक्त हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया। हमलों में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद हालात और गंभीर हो गए।
मध्यस्थता की कोशिशें जारी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार तुर्किये, मिस्र और पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच संदेशों का आदान-प्रदान कराने में जुटे हैं। वहीं, अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच भी अलग-अलग स्तर पर बातचीत की खबरें हैं।
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