मंईयां सम्मान योजना में आवेदन के लिए महिलाओं की भारी भीड़, अव्यवस्था पर उठते सवाल
धनबाद/झारखंड : झारखंड में मंईयां सम्मान योजना के तहत 2500 रुपये का लाभ लेने के लिए महिलाओं में जबरदस्त होड़ मची हुई है। धनबाद अंचल कार्यालय पर रोजाना सैकड़ों महिलाओं की भीड़ उमड़ रही है। स्थिति यह है कि महिलाओं को फॉर्म जमा करने के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है, जो कार्यालय से बाहर तक पहुंच जाती हैं। भीड़ इतनी ज्यादा है कि कई बार धक्का-मुक्की की नौबत आ जाती है।
महिलाओं का आरोप: अव्यवस्था चरम पर फॉर्म जमा करने आई महिलाओं ने शिकायत की है कि योजना की शुरुआत तो कर दी गई है, लेकिन व्यवस्था का आलम बेहद खराब है। आवेदिका मधु का कहना है कि वह पिछले दो-तीन दिनों से लगातार कार्यालय का चक्कर लगा रही हैं
लेकिन भीड़ के कारण फॉर्म जमा कर पाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कतार व्यवस्थित करने के लिए कोई कर्मचारी मौजूद नहीं है और न ही पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा, “यह योजना मंईयां सम्मान योजना नहीं, बल्कि मारामारी योजना बन गई है।”
प्रशासन और सरकार पर सवाल महिलाओं का कहना है कि यह सरकार और स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वे इस योजना के संचालन में व्यवस्था सुनिश्चित करें। कई महिलाओं ने इसे प्रशासन की लापरवाही बताते हुए कहा कि इस स्थिति में महिलाओं को केवल परेशान किया जा रहा है।
अंचल अधिकारी का बयान अंचल कार्यालय के ऑपरेटर मोहम्मद हसन ने अव्यवस्था के लिए महिलाओं को ही जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के लिए महिला आरक्षी तैनात की गई थीं, लेकिन वे भी व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहीं। वहीं, अंचल अधिकारी ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही पुलिस बल की तैनाती की जाएगी ताकि फॉर्म जमा करने की प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हो सके।
महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए कदम उठाने की मांग महिलाओं ने प्रशासन से इस स्थिति को सुधारने और प्रक्रिया को आसान बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही उपाय नहीं किए गए, तो यह योजना महिलाओं के लिए लाभकारी बनने की बजाय परेशानी का सबब बन जाएगी।
योजना की सफलता के लिए बेहतर प्रबंधन और महिलाओं की सुविधा का ध्यान रखना सरकार और प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
