38 रुपए के मुर्गे कैसे खा गया बैंक मैनेजर : जरूर जानें
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के मस्तूरी क्षेत्र में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के मैनेजर की एक चौंकाने वाली हरकत सामने आई है। सरगंवा गांव के किसान रूपचंद मनहर ने बैंक से 12 लाख रुपये का लोन लेने के लिए आवेदन किया था, लेकिन बैंक मैनेजर सुमन कुमार चौधरी ने लोन मंजूरी के लिए कमीशन और देसी मुर्गों की मांग कर डाली। किसान का आरोप है कि मैनेजर ने उनसे करीब 38,900 रुपये के मुर्गे खा लिए और 12 लाख रुपये के लोन पर 10% कमीशन भी वसूल लिया। बावजूद इसके, लोन देने से इनकार कर दिया गया।
लोन के बदले देसी मुर्गे और कमीशन
किसान ने पोल्ट्री व्यवसाय के लिए लोन लेने का आवेदन किया था। रूपचंद ने बताया कि मैनेजर ने लोन पास करने के लिए पहले 10% कमीशन मांगा। मजबूर होकर किसान ने अपनी मुर्गियां बेचकर कमीशन के पैसे दे दिए। इसके अलावा, हर शनिवार बैंक मैनेजर के लिए देसी मुर्गे भी लाकर दिए। किसान ने बताया कि मैनेजर ने उनकी मजबूरी का फायदा उठाते हुए लगातार मुर्गों की मांग की और आखिर में लोन देने से मना कर दिया।
किसान ने अपनी शिकायत में कहा, “मैनेजर ने कुल 38,900 रुपये के मुर्गे खाए और अब न पैसे लौटा रहा है, न लोन दे रहा है।”
शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं, आत्मदाह की चेतावनी
रूपचंद ने इस मामले की शिकायत एसडीएम कार्यालय में की है और कलेक्टर को लिखित पत्र देकर बैंक मैनेजर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। किसान ने कहा है कि अगर उनकी रकम और लोन नहीं दिया गया तो वह 2 से 6 दिसंबर तक भूख हड़ताल करेंगे। इसके बाद भी समाधान नहीं हुआ तो 6 दिसंबर को बैंक के सामने आत्मदाह कर लेंगे।
रूपचंद ने कहा, “मैंने कड़ी मेहनत से कमाई की गई रकम और मुर्गियां गंवा दीं। अब अगर मुझे न्याय नहीं मिला, तो मैं आत्मदाह करने पर मजबूर हो जाऊंगा।”
प्रशासन के लिए चुनौती
इस मामले ने न केवल बैंकिंग सिस्टम पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि प्रशासन की कार्यशैली पर भी उंगली उठाई है। किसान का यह मामला सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है।
मस्तूरी एसडीएम ने कहा है कि मामले की जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, यह घटना किसानों के प्रति संवेदनहीनता और बैंकिंग प्रक्रियाओं की खामियों को उजागर करती है।

