Samrat Vikramaditya Mahanatya
Samrat Vikramaditya Mahanatya : वाराणसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को काशी में ‘विक्रमादित्य महानाट्य’ के शुभारंभ अवसर पर कहा कि नीति और न्याय आज भी सम्राट विक्रमादित्य की नीति तय करती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि लव के बाद भगवान राम का मंदिर यदि किसी ने बनवाया तो वह महाराज विक्रमादित्य ही थे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ शाम करीब छह बजे काशी पहुंचे। कार्यक्रम में डॉ. मोहन यादव ने योगी आदित्यनाथ को अंगवस्त्र भेंट कर उनका स्वागत किया और 700 किलोग्राम की विक्रमादित्य वैदिक घड़ी भेंट की, जिसे शनिवार को श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में स्थापित किया जाएगा।
Samrat Vikramaditya Mahanatya : सांस्कृतिक बंधन को मिली नई ऊंचाई
सीएम योगी ने कहा कि आज यह सांस्कृतिक बंधन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और प्रेरणा से सशक्त हो रहा है। काशी सनातन परंपराओं की महत्वपूर्ण नगरी है। मां गंगा के तट पर इस महान नाट्य रूपांतरण की पहली प्रस्तुति इसलिए भी विशेष बन जाती है। यह परंपरा मजबूती के साथ आगे बढ़ेगी।
Samrat Vikramaditya Mahanatya : भर्तृहरि और विक्रमादित्य की प्रसिद्ध जोड़ी
मुख्यमंत्री ने विक्रमादित्य की परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि महाराज भर्तृहरि नाथ संप्रदाय में प्रतिष्ठित हुए। उनकी दीक्षा की भूमि उज्जैन थी, जबकि साधना की भूमि काशी के निकट चुनार का किला रही। उन्होंने बताया कि तीन भाइयों की जोड़ी जगत में विख्यात है। भगवान राम और लक्ष्मण, भगवान श्रीकृष्ण और बलराम की जोड़ी की तरह ही भर्तृहरि और महाराज विक्रमादित्य की जोड़ी भी उतनी ही प्रसिद्ध है।
Samrat Vikramaditya Mahanatya : अयोध्या को विक्रमादित्य ने ही खोजा
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या को भी महाराज विक्रमादित्य ने ही खोजा था। लव के बाद भगवान राम का मंदिर अगर किसी ने सबसे पहले बनाया तो वह महाराज विक्रमादित्य ने ही बनाया था। उन्होंने कहा कि पंचांग की धरती काशी और कालगणना की धरती उज्जैन इन दोनों का समावेश सुखद है।
Samrat Vikramaditya Mahanatya : काल की गति पहचानें, तभी होगी महाकाल की कृपा
सीएम योगी ने कहा कि काशी बाबा विश्वनाथ की पावन धरा है, जो विश्व के नाथ हैं। वहीं उज्जैन महाकाल की पावन नगरी है। जो काल का अनादर करता है, उसे महाकाल स्वयं अपने अधीन कर लेते हैं। महाकाल की धारा का केंद्र उज्जैन ही है, जहां वे साक्षात विराजमान हैं। उनकी कृपा उन सभी पर बरसती है, जो काल की गति को पहचानकर स्वयं को उसके अनुरूप ढालते हैं।
Samrat Vikramaditya Mahanatya : फिल्मों में खलनायक को नायक न दिखाएं
मुख्यमंत्री ने फिल्म निर्देशकों से अपील करते हुए कहा कि फिल्में ऐसी बननी चाहिए जो राष्ट्र के लिए प्रेरणा बनें। किसी डकैत को हीरो के रूप में प्रस्तुत न करें। पहले अच्छे पात्रों को खलनायक और खलनायकों को नायक बनाकर दिखाया जाता था, जिससे पीढ़ियां खराब हुईं। अब समय बदल गया है और अच्छी प्रस्तुतियां हो रही हैं।
इस मौके पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में विक्रमादित्य महानाट्य की पहली प्रस्तुति का शुभारंभ किया गया।
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