CG News : रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में भारी बारिश और बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है, जिसके चलते कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। इस संकट के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दक्षिण कोरिया से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा के कलेक्टरों व वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता पहुंचाने और बुनियादी सुविधाओं की बहाली के लिए युद्धस्तर पर काम करने के निर्देश दिए।
CG News : बस्तर में बाढ़ का कहर-
लगातार तीन दिनों की मूसलाधार बारिश ने बस्तर संभाग में भीषण बाढ़ की स्थिति पैदा कर दी है। दंतेवाड़ा जिले के 100 से अधिक गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है, जबकि 200 से ज्यादा मकान ढह चुके हैं। अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है और 2,196 लोगों को 43 राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया है। इंद्रावती, शंखनी और डंकनी नदियों के उफान ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई हाईवे और पुल बह जाने से यातायात ठप हो गया है, और अनुमानित नुकसान 50 करोड़ रुपये से अधिक का है।
CG News : सीएम के निर्देश-
मुख्यमंत्री साय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत सामग्री और राशि उपलब्ध कराई जाए। क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए आवश्यक सामग्री का वितरण और सड़क संपर्क व बिजली आपूर्ति की बहाली के लिए युद्धस्तर पर कार्य शुरू करने के आदेश दिए गए। उन्होंने जिला प्रभारी सचिवों को अपने-अपने जिलों का दौरा कर राहत कार्यों की निगरानी करने के लिए कहा। सीएम साय ने ट्वीट कर कहा, मेरी प्राथमिकता है कि हर प्रभावित परिवार तक समय पर मदद पहुंचे और किसी को कोई तकलीफ न हो। हम बस्तर को इस प्राकृतिक आपदा से उबारकर विकास की नई दिशा देंगे।
CG News : राहत और बचाव कार्य-
बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा में राहत और बचाव कार्य जोरों पर हैं। प्रभावित लोगों को राहत शिविरों में भोजन, पानी, दवाइयां और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। मौसम विभाग ने बस्तर सहित प्रदेश के 13 जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है, जिसके चलते प्रशासन को और सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
