CG News : छत्तीसगढ़ को शिक्षा का राष्ट्रीय केंद्र बनाने के लिए CM साय का बड़ा संकल्प, टॉप 100 रैंकिंग का लक्ष्य...
CG News : रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ को शिक्षा का राष्ट्रीय केंद्र बनाने का संकल्प जताया है। उन्होंने प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को गुणवत्ता के आधार पर देश के टॉप 100 शैक्षणिक संस्थानों में शामिल करने के लिए विशेष रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से छत्तीसगढ़ की शैक्षणिक छवि राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी और देशभर के छात्र यहां पढ़ाई के लिए आकर्षित होंगे।
CG News : मुख्यमंत्री ने रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान यह बातें कही। उन्होंने कोरबा, दंतेवाड़ा और रायगढ़ जैसे जिलों में जिला खनिज निधि (DMF) के उपयोग से चुनिंदा महाविद्यालयों को राष्ट्रीय स्तर के मॉडल संस्थानों के रूप में विकसित करने का सुझाव भी दिया। साय ने कहा कि इन संस्थानों को देश-विदेश के छात्रों के लिए प्रमुख शैक्षणिक केंद्र बनाया जा सकता है।
CG News : साथ ही मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ नीति को लागू करने पर जोर दिया। इस नीति के तहत विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों के व्यावहारिक ज्ञान का लाभ छात्रों को मिलेगा, जिससे शिक्षा और रोजगार के बीच की खाई कम होगी।
CG News : बैठक के दौरान उच्च शिक्षा सचिव डॉ. भारतीदासन ने जानकारी दी कि NEP 2020 को प्रदेश के 7 शासकीय और 17 निजी विश्वविद्यालयों तथा 335 शासकीय और 321 निजी महाविद्यालयों में लागू कर दिया गया है। डॉ. भारतीदासन ने बताया कि प्रधानमंत्री उषा योजना के तहत बस्तर विश्वविद्यालय को मेरु योजना के अंतर्गत 100 करोड़ रुपये का अनुदान मिला है, जो उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है।
CG News : डॉ. भारतीदासन ने रुसा 1.0 और 2.0 के तहत हुए कार्यों, प्राध्यापकों की पदोन्नति, छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग और व्यापमं के माध्यम से की जा रही भर्तियों, तथा भविष्य की योजनाओं पर भी प्रकाश डाला। इन योजनाओं में ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’, कौशल उन्नयन, रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम और उद्यमिता को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
CG News : बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव बसवराजू एस., और उच्च शिक्षा आयुक्त डॉ. संतोष देवांगन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की यह पहल छत्तीसगढ़ को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
