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CG News : रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नारायणपुर जिले के गरांजी स्थित परियना दिव्यांग आवासीय विद्यालय का आकस्मिक दौरा कर दिव्यांग बच्चों के बीच समय बिताया। विद्यालय पहुंचते ही विशेष आवश्यकता वाले बच्चों ने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान बच्चों ने स्वागत गीत, हनुमान चालीसा और बस्तर अंचल के पारंपरिक गीतों की भावपूर्ण प्रस्तुति दी, जिसने वहां मौजूद सभी अतिथियों को भावविभोर कर दिया।
CG News : बच्चों की मांग पर मुख्यमंत्री साय ने विद्यालय को एक बस उपलब्ध कराने की घोषणा की। उन्होंने बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर वे किसी भी लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं का पूरा लाभ उठाने की अपील की और बच्चों को आईएएस, आईपीएस जैसे उच्च पदों तक पहुंचने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की शारीरिक कमी को कमजोरी नहीं मानना चाहिए, क्योंकि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों पर ईश्वर का विशेष आशीर्वाद होता है।
CG News : मुख्यमंत्री साय ने बच्चों के सवालों का भी सहजता से जवाब दिया। जब बच्चों ने उनसे पूछा कि विद्यालय आकर उन्हें कैसा लग रहा है, तो उन्होंने कहा कि बच्चों के बीच आकर उन्हें अत्यंत खुशी मिली। एक बच्ची के सवाल पर मुख्यमंत्री ने बताया कि बचपन में उन्हें पिट्ठू और फुटबॉल जैसे खेल खेलना बहुत पसंद था।
CG News : इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विद्यालय के सभी बच्चों को चॉकलेट वितरित कर आशीर्वाद दिया। बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की मुख्यमंत्री साय के साथ-साथ राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, बस्तर सांसद महेश कश्यप, अन्य जनप्रतिनिधियों, मुख्यमंत्री सचिव राहुल भगत, कमिश्नर डोमन सिंह और आईजी सुंदरराज पी. ने सराहना की।
CG News : गौरतलब है कि परियना दिव्यांग आवासीय विद्यालय का शुभारंभ 11 सितंबर 2023 को किया गया था। विद्यालय का संचालन जिला खनिज न्यास निधि के माध्यम से किया जा रहा है। इसका उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को समावेशी शिक्षा प्रदान कर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है, ताकि उनका आत्मविश्वास मजबूत हो और वे समाज में प्रभावी भूमिका निभा सकें।
CG News : वर्तमान में विद्यालय में 60 दिव्यांग बच्चे अध्ययनरत हैं। यहां आडियोलॉजी, फिजियोथेरेपी, विशेष शिक्षा, संगीत, खेलकूद, योग, व्यायाम और कंप्यूटर शिक्षा जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। यह विद्यालय सामान्य और दिव्यांग बच्चों के बीच एक सशक्त सेतु के रूप में कार्य कर रहा है।
