Bihar
Bihar: पटना: बिहार की राजनीति में आज बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर इतिहास रच दिया। यह पहली बार है जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) का कोई नेता बिहार का मुख्यमंत्री बना है। पटना के लोकभवन में सुबह 11 बजे आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में इस नए राजनीतिक अध्याय की शुरुआत हुई।

नीतीश युग का अंत, नई राजनीति की शुरुआत
इस सत्ता परिवर्तन से पहले नीतीश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। लंबे समय तक बिहार की राजनीति के केंद्र में रहे नीतीश कुमार के हटने के बाद अब सत्ता की कमान पूरी तरह बीजेपी के हाथ में आ गई है। इससे राज्य की राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना भी बढ़ गई है।
गठबंधन का संतुलन: दो डिप्टी सीएम
NDA गठबंधन को संतुलित रखने के लिए जनता दल (यूनाइटेड) (JDU) के दो वरिष्ठ नेताओं को डिप्टी सीएम बनाया गया है। इनमें विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव शामिल हैं। दोनों नेताओं ने सम्राट चौधरी के साथ ही शपथ ली, जिससे गठबंधन में संतुलन और मजबूती का संदेश दिया गया।

46 साल का इंतजार हुआ खत्म
BJP के लिए यह पल बेहद खास है। बिहार में जनसंघ के दौर से सक्रिय रही पार्टी को करीब 46 साल बाद मुख्यमंत्री पद मिला है। इससे पहले पार्टी कई बार बड़ी ताकत बनकर उभरी, लेकिन मुख्यमंत्री की कुर्सी हमेशा नीतीश कुमार के पास ही रही। इस बार बीजेपी के पास न सिर्फ ज्यादा सीटें हैं, बल्कि अपना मुख्यमंत्री भी है।
CM सम्राट चौधरी का सियासी सफर
सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर काफी दिलचस्प और संघर्षों से भरा रहा है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत RJD से की थी और 1999 में राबड़ी सरकार में मंत्री बने। साल 2000 में पहली बार विधायक चुने गए। 2013 में उन्होंने RJD छोड़कर JDU का दामन थामा, लेकिन बाद में 2017 में बीजेपी में शामिल हो गए। 2023 में बिहार बीजेपी अध्यक्ष बने और फिर 2024 व 2025 में डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी संभाली। अब 15 अप्रैल 2026 को उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर अपने राजनीतिक करियर का सबसे बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है।

विजय चौधरी: अनुभव का मजबूत स्तंभ
विजय चौधरी बिहार की राजनीति के अनुभवी चेहरों में गिने जाते हैं। 1982 से लगातार विधानसभा सदस्य रहे विजय चौधरी ने वित्त, शिक्षा, कृषि और ग्रामीण विकास जैसे अहम विभाग संभाले हैं। वे 2015 से 2020 तक विधानसभा के स्पीकर भी रहे। उनकी छवि एक साफ-सुथरे और संतुलित नेता की रही है, जो सरकार को स्थिरता देने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

बिजेंद्र यादव: ‘कोसी के विश्वकर्मा’
बिजेंद्र यादव को बिहार की राजनीति में ‘कोसी का विश्वकर्मा’ कहा जाता है। वे 1990 से लगातार विधायक हैं और कई बार मंत्री पद संभाल चुके हैं। उन्होंने बिजली, वित्त और वाणिज्य कर जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी निभाई है। 2025 में उन्होंने लगातार नौवीं बार जीत दर्ज कर अपनी मजबूत पकड़ साबित की।
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