रायपुर। राजधानी रायपुर में बैंकिंग फ्रॉड का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। तात्यापारा स्थित बैंक ऑफ इंडिया में खाते में जमा करने के लिए दिया गया 4.40 लाख रुपये का अकाउंट पेयी चेक कथित तौर पर चोरी कर लिया गया। इसके बाद चेक में कूटरचना कर फर्जी हस्ताक्षर और फर्जी पहचान पत्र के जरिए पूरी रकम नकद निकाल ली गई।

संपत्ति के सौदे के बाद बैंक में जमा किया था चेक

पुलिस के मुताबिक, तात्यापारा निवासी आनंद कुसरे ने अपनी संपत्ति बेचने का सौदा किया था। संपत्ति की रजिस्ट्री 16 जुलाई को तय थी। सौदे के तहत खरीदार ने आनंद कुसरे के नाम 14 जुलाई की तारीख वाला 4.40 लाख रुपये का अकाउंट पेयी चेक जारी किया था। आनंद ने यह चेक 15 जुलाई को बैंक ऑफ इंडिया की तात्यापारा शाखा में अपने खाते में जमा करने के लिए दिया था।

खाते में रकम नहीं आई तो खुला राज

16 जुलाई को आनंद बैंक पहुंचे और चेक से जुड़ी जानकारी ली। उस समय तक उनके खाते में रकम जमा नहीं हुई थी। अगले दिन बैंक कर्मचारियों ने उन्हें बताया कि चेक गुम हो गया है। बैंक के पास सिर्फ चेक जमा करने की पर्ची उपलब्ध थी। इसके बाद 20 जुलाई को बैंक से आनंद को जानकारी मिली कि उनके नाम जारी चेक की 4.40 लाख रुपए की पूरी रकम SBI की संतोषीनगर शाखा से नकद निकाल ली गई है।

फर्जी हस्ताक्षर और आधार कार्ड से निकाली रकम

मामले की जानकारी मिलने के बाद आनंद SBI की संतोषीनगर शाखा पहुंचे। शाखा प्रबंधक से संपर्क करने पर पता चला कि उनके नाम का चेक प्रस्तुत कर नकद रकम निकाली गई थी। बैंक से उन्हें चेक के आगे और पीछे की फोटो के साथ रकम निकालने वाले व्यक्ति के पहचान संबंधी दस्तावेज की जानकारी भी मिली।

शिकायतकर्ता के अनुसार, चेक के पीछे उनके नाम का फर्जी हस्ताक्षर किया गया था। रकम निकालने वाले व्यक्ति ने चेक पर अपना मोबाइल नंबर भी दर्ज किया था। जांच में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई। आनंद कुसरे के नाम का आधार कार्ड लगाया गया था, लेकिन उसमें किसी दूसरे व्यक्ति की तस्वीर थी। आधार नंबर और पता भी आनंद के वास्तविक दस्तावेज से अलग पाया गया।

CCTV फुटेज से संदिग्धों की तलाश

मामले की शिकायत के बाद कोतवाली पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने चेक और उससे जुड़े दस्तावेजों की प्रतियां जांच में शामिल कर ली हैं। साथ ही बैंक ऑफ इंडिया और SBI की शाखाओं से मिले CCTV फुटेज को भी खंगाला जा रहा है। दोनों बैंकों से मिले CCTV फुटेज में संदिग्धों की गतिविधियां भी पुलिस के सामने आई हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि चेक बैंक से कैसे गायब हुआ और फर्जी दस्तावेज तैयार कर रकम निकालने में किन लोगों की भूमिका थी।

Tags: