Raipur City Crime : Wash & Wash ठगी गिरोह का पर्दाफाश, 7 अंतरराज्यीय आरोपी गिरफ्तार
रकम दोगुनी और काले नोटों को असली करेंसी में बदलने का झांसा देकर करते थे ठगी, खंडाला रिसॉर्ट से दबोचे गए आरोपी; ₹4 करोड़ से ज्यादा नकदी और 17 मोबाइल बरामद।
Raipur City Crime : रायपुर। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और थाना तेलीबांधा पुलिस ने Wash & Wash/Black Currency Scam के एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने पुणे के खंडाला स्थित एक रिसॉर्ट में दबिश देकर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 4 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी, 17 मोबाइल फोन, काले कागज के नोटनुमा टुकड़े, कांच की प्लेट समेत ठगी में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री बरामद की गई है।
रायपुर में 1.13 करोड़ की ठगी का आरोप
पुलिस के मुताबिक, गिरोह ने रायपुर में एक व्यक्ति को रकम दोगुनी करने और काले नोटों को केमिकल से असली करेंसी में बदलने का झांसा देकर 1.13 करोड़ रुपये की ठगी की थी। जांच के दौरान पहले गिरफ्तार की गई दो महिला आरोपियों से पूछताछ और मोबाइल की तकनीकी जांच के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों का सुराग मिला।
खंडाला रिसॉर्ट में करोड़ों की डील, पुलिस ने मारी रेड
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने पुणे में करीब एक सप्ताह तक आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी। इसके बाद खंडाला के एक रिसॉर्ट में छापेमारी की गई, जहां आरोपी एक व्यक्ति को रकम दोगुनी करने का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी कर रहे थे। पुलिस ने मौके से आरोपी ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव उर्फ योगी 46 वर्ष, प्रवीण कुमार श्रीवास्तव उर्फ कैप्टन उर्फ शेट्टी उर्फ रेड्डी 52 वर्ष, मनोज कुमार श्रीवास्तव उर्फ बड़े सर 55 वर्ष, विवेक सिंह 48 वर्ष, शुभम पांडेय 37 वर्ष, योगेन्द्र चौहान 48 साल वर्ष व बालमुकुंद दीक्षित 40 वर्ष को गिरफ्तार कर लिया है।
2005 से सक्रिय होने का दावा
पुलिस के अनुसार, गिरोह वर्ष 2005 से सक्रिय है और देश के अलग-अलग राज्यों में 100 से ज्यादा लोगों से अरबों रुपये की ठगी करने की जानकारी सामने आई है। आरोपी दिल्ली, मुंबई, पुणे, नोएडा, बड़ौदा, उदयपुर और अन्य शहरों में लोगों को निशाना बनाते थे।
ऐसे करते थे ठगी
आरोपी खुद को प्रभावशाली लोगों और विदेशी निवेशकों से जुड़ा बताते थे। इसके बाद काले रंग के नोटों को विशेष केमिकल और विदेशी तकनीक से असली भारतीय करेंसी में बदलने का झूठा प्रदर्शन किया जाता था। नकली प्रक्रिया के जरिए पीड़ित का भरोसा जीतने के बाद केमिकल, विदेशी टेस्टिंग, फंड रिलीज और अन्य बहानों से अलग-अलग किश्तों में बड़ी रकम वसूली जाती थी।
पुलिस के मुताबिक, गिरोह के मुख्य सरगना ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव उर्फ योगी, प्रवीण कुमार श्रीवास्तव उर्फ कैप्टन और मनोज कुमार श्रीवास्तव उर्फ बड़े सर हैं। दोनों प्रमुख आरोपियों का पूर्व में भी ठगी के मामलों में जेल जाना सामने आया है।
प्रकरण में अब तक कुल 9 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। मामले में थाना तेलीबांधा में अपराध क्रमांक 330/26 के तहत धारा 318(4), 61(2) बीएनएस में कार्रवाई की गई है।