एनआईए का सुकमा में छापा: मंतोष मंडल और महिला के घर हुई छानबीन, जानिए पूरी जानकारी
सुकमा: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने सुकमा जिले में नक्सल गतिविधियों से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए गुरुवार को दो स्थानों पर छापा मारा। यह छापेमारी मंतोष मंडल और एक अन्य महिला के घर पर की गई। एनआईए की टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से यह कार्रवाई की।
कौन हैं मंतोष मंडल?
मंतोष मंडल को 25 सितंबर को स्थानीय पुलिस ने सुकमा के भेज्जी इलाके से गिरफ्तार किया था। उस पर नक्सलियों के शहरी नेटवर्क का हिस्सा होने और सहयोग करने का गंभीर आरोप है। गिरफ्तारी के बाद से ही एनआईए इस मामले की गहराई से जांच कर रही थी।
कैसे हुई छापेमारी?
गुरुवार सुबह एनआईए की टीम जिला मुख्यालय में मंतोष मंडल और एक अन्य महिला के घर पहुंची। टीम ने दोनों स्थानों पर घर की गहन तलाशी ली। छापेमारी के दौरान स्थानीय पुलिस टीम भी मौजूद थी, जो सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात थी।
एनआईए की कार्रवाई से जुड़े अहम तथ्य:
- एनआईए की टीम पिछले 15 दिनों से सुकमा में सक्रिय थी।
- मंतोष मंडल पर नक्सलियों के लिए लॉजिस्टिक सपोर्ट और फंडिंग जैसे आरोप हैं।
- महिला के घर पर हुई छापेमारी को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं, लेकिन आधिकारिक बयान का इंतजार है।
छापेमारी का मकसद क्या है?
एनआईए की यह छापेमारी नक्सल गतिविधियों के शहरी नेटवर्क और उनके सहयोगियों की पहचान करने के लिए की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, एनआईए को मंतोष मंडल से पूछताछ के दौरान कुछ अहम सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर यह कार्रवाई की गई।
अधिकारिक पुष्टि का इंतजार
हालांकि, एनआईए की ओर से इस छापेमारी की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं की गई है। लेकिन, स्थानीय पुलिस के सहयोग से चल रही इस कार्रवाई ने सुकमा में हलचल मचा दी है।
छापेमारी का प्रभाव
इस कार्रवाई से नक्सल नेटवर्क पर सख्ती की उम्मीद की जा रही है। एनआईए की यह छापेमारी सरकार की उस नीति का हिस्सा है, जिसमें नक्सलियों के शहरी और ग्रामीण नेटवर्क को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है।

